ताजा खबरें | भारत ने हमेशा बातचीत के ज़रिए दो-राज्य समाधान का समर्थन किया है : इजराइल-फलस्तीन संघर्ष पर सरकार

नयी दिल्ली, 31 जुलाई सरकार ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा में कहा कि भारत ने हमेशा बातचीत के जरिए दो-राज्य समाधान का समर्थन किया है, जिसके तहत सुरक्षित सीमाओं के भीतर संप्रभु एवं स्वतंत्र फलस्तीन की स्थापना होगी, जो इजराइल के साथ शांति से रह सके।

विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा, ‘‘फलस्तीन के प्रति भारत की नीति लंबे समय से चली आ रही है। भारत ने हमेशा बातचीत के ज़रिए दो-राज्य समाधान का समर्थन किया है, जिसके तहत सुरक्षित और अधिकृत सीमाओं के भीतर संप्रभु, स्वतंत्र और व्यवहार्य फलस्तीन राज्य की स्थापना होगी, जो इजराइल के साथ शांति से रह सके।’’

सिंह ने कहा कि भारत ने सात अक्टूबर 2023 को इजराइल पर हुए आतंकवादी हमलों और मौजूदा इजराइल- हमास संघर्ष में नागरिकों की मौत की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि भारत सुरक्षा स्थिति को लेकर चिंतित है और उसने युद्धविराम, सभी बंधकों की रिहाई और बातचीत एवं कूटनीति के जरिए संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान का आह्वान किया है।’’

उन्होंने कहा कि भारत ने फलस्तीन के लोगों को सुरक्षित तरीके से, निरंतर और समय से मानवीय सहायता पहुंचाने की आवश्यकता पर भी ज़ोर दिया है।

सिंह ने कहा कि भारत ने संयुक्त राष्ट्र, ब्रिक्स, गुटनिरपेक्ष आंदोलन, ‘वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ’ जैसे विभिन्न द्विपक्षीय और बहुपक्षीय मंचों पर उपरोक्त स्थिति को दोहराया है।

उन्होंने कहा कि उपर्युक्त नीति के अनुरूप तथा वार्ताओं के अभाव और प्रस्ताव की विषयवस्तु में असंतुलन को ध्यान में रखते हुए, भारत ने 12 जून को संयुक्त राष्ट्र महासभा के आपातकालीन विशेष सत्र में प्रस्ताव पर मतदान में भाग नहीं लिया।

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