नयी दिल्ली, 19 फरवरी भारत 2047 तक 70 प्रतिशत महिला कार्यबल की भागीदारी हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है। एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि सरकार ने मातृत्व अवकाश, क्रेच सुविधाओं और उनके लिए समान वेतन प्रावधानों को बढ़ाया है।
दक्षिण अफ्रीका की अध्यक्षता के तहत पहले जी-20 रोजगार कार्यसमूह की बैठक-2025 को संबोधित करते हुए श्रम सचिव सुमिता डावरा ने कहा कि भारत की सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), आरएंडडी, और इंजीनियरिंग जैसे उच्च-वृद्धि क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को आर्थिक वृद्धि के एक महत्वपूर्ण चालक के रूप में रेखांकित किया गया था।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि डावरा ने दक्षिण अफ्रीका के पोर्ट एलिजाबेथ में 18-21 फरवरी को आयोजित बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया।
प्रतिनिधिमंडल में दक्षिण अफ्रीका के डरबन में भारत के महावाणिज्य दूत थेल्मा जॉन डेविड और श्रम और रोजगार मंत्रालय के उप-निदेशक पीयूष कुमार पाठक भी शामिल हुए।
उन्होंने ई-श्रम पोर्टल की सफलता पर जोर दिया, जिसने 30 करोड़ से अधिक असंगठित श्रमिकों को पंजीकृत किया। डावरा ने ईएसआईसी और ईपीएफओ योजनाओं के आधुनिकीकरण का भी उल्लेख किया है।
रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन (ईएलआई) योजना को भी औपचारिक क्षेत्र में रोजगार को बढ़ावा देने की एक प्रमुख पहल के रूप में रेखांकित किया गया।
भारत के हस्तक्षेप के दौरान कौशल विकास के माध्यम से युवा सशक्तीकरण पर जोर दिया गया, जिसमें स्नातकों की रोजगार क्षमता पर मुख्य ध्यान दिया गया, जो पिछले दशक में 34 प्रतिशत से बढ़कर 55 प्रतिशत हो गई है।
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