नयी दिल्ली, 3 जून केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पर्यावरण के क्षेत्र में सहयोग पर भारत और भूटान के बीच समझौता ज्ञापन को बुधवार को मंजूरी दे दी ।
सरकारी बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई ।
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बयान के अनुसार, यह समझौता ज्ञापन दोनों देश में लागू कानूनों और कानूनी प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए इक्विटी, पारस्परिक लाभों के आधार पर दोनों देशों को पर्यावरण के संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन में निकट और दीर्घकालिक सहयोग को स्थापित और संवर्धित करने में सक्षम बनाएगा। ।
दोनों पक्षों के हितों और पारस्परिक रूप से सहमत प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए समझौता ज्ञापन में पर्यावरण से जुड़े वायु, अपशिष्ट, रासायनिक प्रबंधन,जलवायु परिवर्तन
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आदि क्षेत्रों को शामिल करने पर विचार किया गया है ।
यह समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर की तिथि से लागू होगा और दस वर्ष की अवधि के लिए लागू रहेगा। प्रतिभागियों को समझौता ज्ञापन के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए सहयोग गतिविधियों को स्थापित करने हेतु सभी स्तरों पर संगठनों, निजी कंपनियों, सरकारी संस्थानों और दोनों ओर अनुसंधान संस्थानों को प्रोत्साहित करना होगा।
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