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देश की खबरें | भारत मानता है कि स्वदेशी रक्षा क्षमता ‘स्थायी शांति’ की बुनियाद है: राजनाथ सिंह

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पूर्वी लद्दाख में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच तनावपूर्ण सीमा गतिरोध के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को कहा कि भारत शांतप्रिय देश है और उसका मानना है कि स्वदेशी रक्षा क्षमता ‘स्थायी शांति’ की बुनियाद है।

देश की खबरें | भारत मानता है कि स्वदेशी रक्षा क्षमता ‘स्थायी शांति’ की बुनियाद है: राजनाथ सिंह
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, सात अक्टूबर पूर्वी लद्दाख में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच तनावपूर्ण सीमा गतिरोध के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को कहा कि भारत शांतप्रिय देश है और उसका मानना है कि स्वदेशी रक्षा क्षमता ‘स्थायी शांति’ की बुनियाद है।

आगामी एयरो इंडिया प्रदर्शनी पर विदेशी राजदूतों के समूह को डिजिटल माध्यम से संबोधित करते हुए सिंह ने भारत को अहम सैन्य (आयुधों) मंचों एवं हथियार प्रणालियों का उत्पादन केंद्र बनाने के लिए सरकार द्वारा उठाये गये विभिन्न सुधारों का जिक्र भी किया।

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उन्होंने कहा,‘‘हम शांतिप्रिय देश हैं। हम दुनियाभर में शांति एवं स्थायित्व के लिए कटिबद्ध हैं । हम इस विश्वास के लिए प्रतिबद्ध हैं कि आत्मनिर्भरता और स्वदेशी रक्षा क्षमता स्थायी शांति की बुनियाद है।’’

अधिकारियों के अनुसार 75 से अधिक देशों के राजदूतों, मिशन प्रमुखों और रक्षा अधिकारियों ने इस ऑनलाइन सम्मेलन में हिस्सा लिया।

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भारत को रक्षा विनिर्माण के क्षेत्र में निवेश के लिए आकर्षक स्थल के रूप में पेश करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा, ‘‘इस दुनिया को और सुरक्षित, शांतपूर्ण और समृद्ध स्थान बनाने के लिए आपस में हाथ मिलाने और सोद्देश्य एवं प्रगतिशील तरीके से अपना स्वाभाविक गठबंधन बनाने की राह में आने वाली रूकावटों को हमें दूर करने की जरूरत है।’’

उन्होंने रक्षा विनिर्माण में भारत की सन्निहित शक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका देश रक्षा एवं एयरोस्पेस के क्षेत्र में दुनिया के पांच शीर्ष देशों में आने के लिए दृढ़संकल्प है।

सिंह ने कहा, ‘‘ हम दुनिया के उन चंद देशों में से एक हैं जो चौथी पीढ़ी के लड़ाकू विमान, परमाणु पनडुब्बी, मुख्य युद्ध टैंक और अंतरमहाद्वीय बैलेस्टिक मिसाइलें बनाता है।’’

राजदूतों से अपने अपने देशों के रक्षा विनिर्माताओं एवं नीति निर्माताओं को एयरो इंडिया में शिरकत करने के लिए प्रोत्साहित करने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम कारोबारी संभावनाओं को खंगालने के वास्ते एयरोस्पेस उद्योग के लिए अहम मंच है।

एशिया की सबसे बड़ी एयरोस्पेस प्रदर्शनी समझा जाने वाला ‘एयरो इंडिया’ अगले साल 3 से 7 फरवरी के दौरान बेंगलुरु में होगा।

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(The above story first appeared on LatestLY on Oct 07, 2020 08:45 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).