देश की खबरें | भारत, ऑस्ट्रेलिया ने समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता जताई

नयी दिल्ली, 10 मार्च भारत और ऑस्ट्रेलिया ने साझा चुनौतियों का समाधान करने और मुक्त, स्थिर और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र की दिशा में काम करने के लिए अपनी रक्षा और सुरक्षा साझेदारी को मजबूत करने की शुक्रवार को प्रतिबद्धता जताई।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष एंथनी अल्बनीज ने पहले वार्षिक भारत-ऑस्ट्रेलिया शिखर सम्मेलन में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा पर विस्तृत चर्चा की।

वार्ता के बाद, मोदी और अल्बनीज ने कहा कि दोनों पक्ष एक व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (सीईसीए) के साथ-साथ ‘व्यापक प्रवासन और गतिशीलता भागीदारी समझौते’ को मजबूत करने की दिशा में भी हैं, जिससे छात्रों और पेशेवरों को फायदा होने की उम्मीद है।

अल्बनीज ने मीडिया को दिये अपने बयान में कहा, ‘‘मैं रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र में हमारे संबंधों में महत्वाकांक्षी प्रगति का स्वागत करता हूं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी और मैंने तेजी से अनिश्चित वैश्विक सुरक्षा माहौल पर चर्चा की और साझा चुनौतियों का समाधान करने और मुक्त, स्थिर और समृद्ध हिंद-प्रशांत की दिशा में काम करने के लिए ऑस्ट्रेलिया-भारत रक्षा और सुरक्षा साझेदारी को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई।’’

मोदी ने अपने मीडिया बयान में सुरक्षा सहयोग को भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बताया।

उन्होंने कहा, ‘‘आज हमने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, आपसी रक्षा और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा की। रक्षा के क्षेत्र में, हमने पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय समझौते किए हैं, जिनमें एक-दूसरे के सशस्त्र बलों के लिए रसद मदद भी शामिल है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमारी सुरक्षा एजेंसियों के बीच सूचनाओं का नियमित और सार्थक आदान-प्रदान भी होता है और हमने इसे और मजबूत बनाने पर चर्चा की।’’

विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने एक प्रेस वार्ता में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में अवसरों का लाभ उठाने के लिए अल्बनीज को प्रोत्साहित किया।

उन्होंने कहा, ‘‘नेताओं ने रक्षा और सुरक्षा सहयोग के क्षेत्र में हुई उल्लेखनीय प्रगति की भी सराहना की। इस संदर्भ में प्रधानमंत्री मोदी ने ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री को रक्षा निर्माण के लिए ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भर पहल का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।’’

अल्बनीज ने कहा कि उन्हें ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच गहरे और जीवंत संबंधों पर गर्व है। उन्होंने कहा, ‘‘मेरी यात्रा के जरिये भारत के साथ ऑस्ट्रेलिया के पहले से ही घनिष्ठ संबंध मजबूत हुए है, जो हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भागीदार और अच्छा दोस्त है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘भारत के साथ एक मजबूत साझेदारी का निर्माण व्यापार और निवेश, शिक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा, रक्षा और सुरक्षा तथा संस्कृति में ऑस्ट्रेलिया को लाभ पहुंचायेगा।’’

रूसी मिग लड़ाकू विमानों को ले जाने वाले भारत के विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत की यात्रा और रूस के साथ नई दिल्ली के संबंधों के बारे में मीडिया ब्रीफिंग में पूछे जाने पर, अल्बनीज ने कहा कि भारत एक संप्रभु राष्ट्र है और वह अन्य देशों के साथ अपने संबंधों को वैसे ही विकसित करता है जैसा वह उचित समझता है।

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