देश की खबरें | भारत और श्रीलंका ने द्विपक्षीय सैन्य अभ्यासों को ‘जटिल’ बनाने पर सहमति जताई : रक्षा मंत्रालय

नयी दिल्ली, 23 फरवरी भारत और श्रीलंका ने बृहस्पतिवार को द्विपक्षीय सैन्य अभ्यासों की प्रागढ़ता बढ़ाने पर सहमति जताई और एक दूसरे के अनुभवों, क्षमता से अधिकतम लाभ प्राप्त करने का संकल्प लिया।

यह सहमति ऐसे समय बनी है जब चीन हिंद महासागर में अपने प्रभाव को बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।

दिल्ली में आयोजित सातवें भारत-श्रीलंका वार्षिक रक्षा संवाद में दोनों पक्षों ने रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग की समीक्षा की।

रक्षा मंत्रालय ने बताया, ‘‘ बैठक के दौरान दोनों देशों में जारी रक्षा सहयोग की गतिविधियों की समीक्षा की गई और दोनों देशों ने द्विपक्षीय अभ्यास की जटिलता बढ़ाने पर सहमति जताई।’’

बयान के मुताबिक, ‘‘ प्रशक्षिण के संदर्भ में दोनों पक्षों ने एक दूसरे के अनुभवों और क्षमता से अधिकतम लाभ उठाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।’’ संवाद की सह अध्यक्षता भारत के रक्षा सचिव गिरिधर अरमाने और उनके श्रीलंकाई समकक्ष जनरल कमल गुनारत्ने ने किया।

मंत्रालय ने कहा कि दोनों देशों के सशस्त्र बल विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को जारी रखना चाहते हैं और दोनों के बीच संपर्क का बढ़ना भविष्य के द्विपक्षीय संबंधों के लिए सकारात्मक संकेत है।

अरमाने ने जनरल गुनारत्ने और उनके प्रतिनिधिमंडल का ‘लाभदायक वार्ता’ के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया और कहा कि भारत संवाद में बनी आपसी समझ के आधार पर संपर्क को आगे बढ़ा रहा है।

श्रीलंका के साथ वार्षिक संवाद में शामिल भारतीय प्रतिनिधिमंडल में इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ मुख्यालय के अधिकारी, तीनों सेनाओं के मुख्यालय के अधिकारी और विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधि शामिल थे।

श्रीलंकाई प्रतिनिधिमंडल में श्रीलंकाई वायुसेना के कमांडर एयर मार्शल एस के पथिराना और अन्य वरिष्ठ अधिकार शामिल थे।

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