नयी दिल्ली, 28 अगस्त भारत और बांग्लादेश ने सोमवार को अपने रक्षा सहयोग की समीक्षा की और इस क्षेत्र में बढ़ती भागीदारी पर संतोष व्यक्त किया।
दोनों पक्षों ने ढाका में हुई पांचवीं वार्षिक रक्षा वार्ता में रक्षा संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया।
वार्ता में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व रक्षा सचिव गिरिधर अरमाने ने किया, जबकि बांग्लादेशी दल का नेतृत्व बांग्लादेश के सशस्त्र बल डिवीजन के ‘प्रिंसिपल स्टाफ ऑफिसर’ लेफ्टिनेंट जनरल वाकर-उज-जमां ने किया।
इस बातचीत में दोनों पक्षों ने दोनों देशों के सशस्त्र बलों के बीच संबंधों की भावी दिशा के महत्व पर विचार-विमर्श किया।
रक्षा मंत्रालय ने कहा, ‘‘बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच चल रही रक्षा सहयोग गतिविधियों की समीक्षा की गई और दोनों पक्षों ने बढ़ती रक्षा सहयोग गतिविधियों पर संतोष व्यक्त किया।’’
उसने एक बयान में कहा, ‘‘बातचीत में मौजूदा द्विपक्षीय अभ्यासों पर चर्चा हुई और दोनों पक्ष इन अभ्यासों की जटिलता बढ़ाने पर सहमत हुए।’’
उसने कहा कि अरमाने और लेफ्टिनेंट जनरल वाकर-उज-जमां ने स्वीकार किया कि "सार्थक बातचीत" हुई और इस बात पर जोर दिया कि दोनों देश बातचीत में बनी साझा समझ के आधार पर संबंधों को बनाये रखने के लिए उत्सुक हैं।
मंत्रालय ने कहा, ‘‘दोनों देशों की सशस्त्र सेनाएं कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को लेकर उत्सुक हैं और सम्पर्क में बढ़ोतरी दोनों देशों के संबंधों के भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत है।’’
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