नयी दिल्ली, 29 अक्टूबर आयकर विभाग ने उत्तरप्रदेश के बिजनौर से बसपा सांसद से जुड़े व्यवसायों पर छापेमारी कर 50 लाख रुपये से अधिक ‘‘अघोषित’’ नकदी और कुछ आभूषण बरामद किए हैं। यह जानकारी बृहस्पतिवार को अधिकारियों ने दी।
बसपा के सांसद मलूक नागर की कंपनियों पर बुधवार को छापेमारी की गई, जो रियल इस्टेट का व्यवसाय करते हैं।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने बयान जारी कर कहा, ‘‘इस तरह के आरोप थे कि समूह की कंपनियों के पास भारी सुरक्षा प्रीमियम की आरक्षित राशि थी और संबंधित पार्टियों की ओर से ऋण एवं अग्रिमों के रूप में देनदारियां थीं और इसके बावजूद उन्होंने बड़ी मात्रा में दूसरों को कर्ज दे रखा था।’’
सीबीडीटी ने कहा कि अभी तक छापेमारी में 50 लाख रुपये से अधिक अघोषित नकदी और करीब ढाई किलोग्राम आभूषण पाए गए हैं।
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने सितम्बर में नागर को लोकसभा में पार्टी के उपनेता पद से हटा दिया था और उनकी जगह राम शिरोमणि वर्मा को उपनेता बनाया था। बसपा के लोकसभा में नौ सांसद हैं।
सीबीडीटी ने बयान में आरोप लगाया कि छापेमारी के दौरान शेयर प्रीमियम के बारे में आरोप सही पाए गए ।
इसने कहा कि छापेमारी के दौरान पाया गया कि ‘‘एक परिसर से 20 से अधिक कंपनियां चल रही हैं जिनमें से कई छद्म कंपनियां हैं और वे संचालित नहीं होती हैं।’’
इसने कहा, ‘‘कंपनियों का कोई मूल्य नहीं है लेकिन उनमें काफी मात्रा में शेयर प्रीमियम दिखाए गए हैं। छद्म कंपनियों का इस्तेमाल कोष की हेराफेरी में किया जा रहा है।’’
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