देश की खबरें | आप, भाजपा कार्यकर्ताओं की नारेबाजी से इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय परिसर के उद्घाटन समारोह में व्यवधान

नयी दिल्ली, आठ जून राष्ट्रीय राजधानी के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपराज्यपाल वी के सक्सेना को बृहस्पतिवार को पूर्वी दिल्ली में इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय के नवनिर्मित परिसर के उद्घाटन समारोह में संबोधन के दौरान प्रतिपक्षी भीड़ का सामना करना पड़ा।

केजरीवाल ने जब अपना उद्धाटन भाषण दिया उस वक्त भीड़ ने ‘मोदी, मोदी’ के नारे लगाए, जिसके बाद आम आदमी पार्टी (आप) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर कार्यक्रम में हंगामा करने का आरोप लगाया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन को बाधित करने वालों पर तंज कसते हुए कहा कि अगर शिक्षा व्यवस्था में ऐसे ‘नारों’ से सुधार लाया जा सकता है तो पिछले 70 साल में ऐसा हो चुका होता।

केजरीवाल जब दिल्ली सरकार के स्कूलों में शिक्षा के मॉडल के बारे में बात कर रहे थे तभी कुछ लोग ‘मोदी, मोदी’ के नारे लगाने लगे।

उन्होंने कहा, ‘‘कृपया मुझे पांच मिनट बोलने दें। मैं इस पार्टी और अन्य पार्टी के लोगों से अनुरोध करता हूं कि मुझे बोलने दें।’’

केजरीवाल के लगभग पूरे संबोधन के दौरान आप और भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोधी टिप्पणियां कीं।

जैसे ही केजरीवाल ने स्कूली छात्रों के लिए दिल्ली सरकार के ‘बिजनेस ब्लास्टर्स’ कार्यक्रम के बारे में बात करना शुरू किया, वैसे ही भाजपा कार्यकर्ताओं ने ‘झूठ’, ‘झूठ’ के नारे लगाने शुरू कर दिये, जिसके बदले में आप कार्यकर्ताओं ने नारे लगाए, ‘सब सच है’, ‘सब सच है’।

संबोधन के दौरान एक बार फिर व्यवधान डालने पर उन्होंने कहा, ‘‘मैं जानता हूं कि शायद आपको मेरे विचार और सोच पसंद न आएं। आप टिप्पणी कर सकते हैं, लेकिन यह सही नहीं है। इस लोकतंत्र में हर किसी को बोलने का अधिकार है।’’

उन्होंने कहा, “मैं आपसे ईमानदारी से अनुरोध करता हूं कि कृपया मेरी बात चुपचाप सुनें। आखिरकार, मुझे भी भाषण और अभिव्यक्ति का अधिकार है। हम लोकतंत्र में रहते हैं।”

उपराज्यपाल वी के सक्सेना का संबोधन ‘केजरीवाल जिंदाबाद’ और ‘मोदी जी का धन्यवाद’ के नारों से दो बार बाधित हुआ।

सक्सेना ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर 387 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है, जिसमें से 346 करोड़ रुपये स्व-वित्तपोषण के माध्यम से आए और शेष राशि दिल्ली सरकार ने लगाई।

उन्होंने कहा, “अन्य विश्वविद्यालयों को इससे सीख लेनी चाहिए। इससे यह भी पता चलता है कि विश्वविद्यालय स्वतंत्र रूप से काम कर सकते हैं।”

सक्सेना ने शिक्षकों से अपने छात्रों को मूल्य-आधारित शिक्षा प्रदान करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि इसके बिना सब खोता जा रहा है। इस दौरान वहां मौजूद दोनों पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा ‘अरविंद केजरीवाल जिंदाबाद’, ‘मोदी जी का धन्यवाद’ और ‘भ्रष्टाचार का एक ही काल केजरीवाल-केजरीवाल’ के नारों से उनका संबोधन बाधित हो गया।

संबोधन एक बार फिर बाधित होने पर उपराज्यपाल ने कहा, “मुझे लगता है कि यहां शिक्षा की कमी है... हम शिक्षा के मंदिर में हैं और हमें इसकी पवित्रता बनाए रखनी चाहिए।”

इन दोनों के संबोधन से पहले, शिक्षा मंत्री आतिशी के साथ भी ऐसी ही हुआ और उनका भी संबोधन बाधित किया गया।

आतिशी ने कहा, “इसलिए शिक्षा महत्वपूर्ण है।”

विश्वविद्यालय के कुलपति महेश वर्मा ने हंगामा करने वालों को चेतावनी दी कि वे शांत हो जाएं नहीं तो मजबूरन उन्हें कार्यक्रम समाप्त करना पड़ेगा।

उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान परिसर के बाहर आप और भाजपा के कार्यकर्ता नारे लगा रहे थे।

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