इंदौर, 13 जून मध्यप्रदेश के अलग-अलग इलाकों में सिलाई प्रशिक्षण की श्रृंखला चलाने की आड़ में करीब 10,000 महिलाओं से कुल 98.50 लाख रुपये की ठगी का खुलासा हुआ है। इस मामले में पुलिस ने एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) के अधिकारी को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के एक आला अफसर ने सोमवार को यह जानकारी दी।
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (अपराध निरोधक शाखा) गुरुप्रसाद पाराशर ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान अमित वर्मा के रूप में हुई है और वह ‘‘ममता महिला उत्थान फाउंडेशन" नाम के एनजीओ में बतौर क्षेत्रीय समन्वयक काम करता है।
पाराशर ने बताया, ‘‘वर्मा सिलाई सिखाने वाली महिलाओं को जाल में फंसाता था। वह उनकी मदद से 20–20 महिला प्रशिक्षणार्थियों के समूह बनाकर प्रति प्रशिक्षणार्थी 1,000 रुपये का पंजीयन शुल्क अपने बैंक खाते में जमा कराता था। उसकी ओर से हर महिला प्रशिक्षक को झांसा दिया जाता था कि अगर वह ऐसे एक समूह को तीन महीने तक सिलाई सिखाएगी, तो उसे एनजीओ द्वारा 9,000 रुपये का भुगतान किया जाएगा।’’
उन्होंने आरोपों के हवाले से बताया कि वर्मा महिलाओं को यह झांसा भी देता था कि सिलाई प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उसके एनजीओ द्वारा हर प्रशिक्षणार्थी को न केवल उसका चुकाया गया पंजीयन शुल्क लौटा दिया जाएगा, बल्कि उसे प्रमाणपत्र के साथ 1,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि अलग से दी जाएगी।
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त ने जांच के आधार पर बताया कि वर्मा ने ठगी के इस तरीके से राज्य के अलग-अलग इलाकों में करीब 10,000 महिलाओं को कुल 98.50 लाख रुपये का चूना लगाया है।
उन्होंने बताया कि आरोपी ठगी की रकम एनजीओ के आधिकारिक बैंक खाते के बजाय अपने निजी बैंक खाते में जमा कराता था। पाराशर ने बताया कि पुलिस इस मामले में विस्तृत जांच कर रही है।
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