नयी दिल्ली, एक जनवरी बीते वर्ष में कोरोना वायरस महामारी की वजह से दिल्ली मेट्रो के पहिये पांच महीने से अधिक समय तक थमे रहे, लेकिन 2021 में डीएमआरसी अगली पीढ़ी की चालक रहित ट्रेनों के साथ पदार्पण कर रहा है जो देश के लिए एक बड़ा तकनीकी कदम है।
दिल्ली में कोरोना वायरस का पहला मामला एक मार्च को सामने आया था और जल्द ही दैनिक मामलों की संख्या बढ़ने लगी।
वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए उड़ान सेवाओं को निलंबित कर दिया गया। दिल्ली में 22 मार्च को मेट्रो सेवाओं पर भी रोक लगा दी गयी ताकि महामारी को फैलने से रोका जा सके।
गृह मंत्रालय के दिशानिर्देशों के बाद दिल्ली मेट्रो ने 169 दिन के विराम के बाद सात सितंबर को चरणबद्ध तरीके से परिचालन बहाल किया। इस दौरान दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) और यात्रियों दोनों ने ही सावधानी बरती।
दिल्ली मेट्रो ने यात्रियों के बीच दूरी बनाकर रखने के लिए अनेक उपाय अपनाने के बाद ही सेवाओं को बहाल किया। इनमें स्वचालित थर्मल स्क्रीनिंग-सह-सैनिटाइजर डिस्पेंसर लगाना शामिल हैं।
डीएमआरसी ने मेट्रो परिसरों में अनेक जगहों पर बैनर लगाकर यात्रियों को आपात स्थिति में ही मेट्रो की सवारी करने की सलाह दी।
मेट्रो ट्रेनों के अंदर और स्टेशनों पर मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया और इस नियम का उल्लंघन करने वालों के चालान काटे गये।
डीएमआरसी प्रमुख मंगू सिंह ने सितंबर में ‘पीटीआई-’ को दिये साक्षात्कार में कहा था, ‘‘सेवाओं को पुन: शुरू करने का फैसला राजस्व अर्जित करने या यात्रियों की संख्या बढ़ाने के मकसद से नहीं बल्कि लोगों को जोड़ने तथा अर्थव्यवस्था में नयी जान फूंकने में योगदान देने के लिए किया गया।’’
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