नयी दिल्ली, आठ जुलाई शिक्षा मंत्रालय के सर्वेक्षण से पता चला है कि कक्षा तीन के केवल 55 प्रतिशत छात्र 99 तक की संख्याओं को आरोही या अवरोही क्रम में व्यवस्थित कर सकते हैं, जबकि कक्षा छह के केवल 53 प्रतिशत छात्र 10 तक का पहाड़ा जानते हैं।
समग्र विकास के लिए ज्ञान का प्रदर्शन मूल्यांकन, समीक्षा और विश्लेषण (परख) राष्ट्रीय सर्वेक्षण, जिसे पहले राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (एनएएस) के रूप में जाना जाता था, पिछले साल चार दिसंबर को आयोजित किया गया था।
इस सर्वेक्षण में 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 781 जिलों के 74,229 स्कूलों में कक्षा तीन, छह और नौ के सरकारी और निजी दोनों स्कूलों के 21,15,022 छात्रों को शामिल किया गया था।
सर्वेक्षण में कहा गया कि तीनों कक्षाओं के 1,15,022 बच्चों का मूल्यांकन किया गया और 2,70,424 शिक्षकों और स्कूल का नेतृत्व करने वालों ने प्रश्नावली के माध्यम से जवाब दिया।
रिपोर्ट के अनुसार, कक्षा तीन के केवल 55 प्रतिशत विद्यार्थी ही 99 तक की संख्याओं को आरोही या अवरोही क्रम में व्यवस्थित कर सकते हैं, जबकि 58 प्रतिशत विद्यार्थी दो अंकों की संख्याओं का जोड़ और घटाव कर सकते हैं।
कक्षा छह में केवल 53 प्रतिशत छात्र अंकगणितीय संक्रियाओं और उनके बीच संबंधों को समझ और देख सकते हैं, कम से कम 10 तक जोड़ और गुणन की सारणी जानते हैं और दैनिक जीवन की समस्याओं को हल करने के लिए पूर्ण संख्याओं पर चार बुनियादी संक्रियाएं लागू करते हैं।
कक्षा छह में और गणित के साथ-साथ एक अतिरिक्त विषय ‘हमारे आस-पास की दुनिया’ शुरू किया गया था, जिसमें पर्यावरण और समाज शामिल है।
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