नयी दिल्ली, पांच फरवरी रुपये में जोरदार गिरावट के कारण आयातित तेल महंगा होने से देश के तेल-तिलहन बाजार में बुधवार को सोयाबीन तेल, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल तथा बिनौला तेल कीमतों के दाम में सुधार दर्ज हुआ। दूसरी ओर मिलावटी बिनौला खल के कमजोर दाम और कारोबारी धारणा बिगड़ी होने के कारण सरसों तिलहन और मूंगफली तिलहन कीमतों में गिरावट देखने को मिली। सरसों तेल, मूंगफली तेल और सोयाबीन तिलहन कीमतें पूर्वस्तर पर बंद हुईं।
मलेशिया और शिकॉगो एक्सचेंज में कारोबार का मिला-जुला रुख है।
बाजार सूत्रों ने कहा कि बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 39 पैसे गिरकर 87.46 (अस्थायी) के सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ। इस वजह से आयातित तेलों का आयात महंगा हो गया और सोयाबीन तेल, सीपीओ एवं पामोलीन तेल तथा बिनौला तेल कीमतों में सुधार आया।
उन्होंने कहा कि बिनौला खल का वायदा दाम कम होने तथा नकली बिनौला खल का कारोबार बेरोकटोक जारी रहने से पूरी कारोबारी धारणा प्रभावित है और बाकी अन्य खलों के दाम पर भी दबाव है। सरसों खल का लिवाल न होने से सरसों तिलहन और मूंगफली तिलहन के दाम में गिरावट देखने को मिली।
सूत्रों ने कहा कि रुपये में गिरावट के कारण आयात महंगा बैठने से सोयाबीन तेल, सीपीओ एवं पामोलीन तेल (सभी आयातित तेल) तथा बिनौला तेल कीमतों के दाम मजबूत बंद हुए।
उन्होंने कहा कि विशेषकर मूंगफली, सोयाबीन और सूरजमुखी के किसान परेशानहाल हैं। मूंगफली का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 6,860 रुपये क्विंटल है और राजस्थान में हाजिर बाजार में मूंगफली का दाम 4,700-4,800 रुपये क्विंटल बोला जा रहा है। गुजरात में मूंगफली की आधे से अधिक मिलें बेपड़ता पेराई लागत के कारण बंद हो चुकी हैं।
सूत्रों ने कहा कि रुपया कमजोर होने तथा कल रात शिकॉगो एक्सचेंज के मजबूत होने से सोयाबीन तेल में सुधार है। सीपीओ और पामोलीन के सिर्फ दाम ऊंचे बोले जा रहे हैं पर असल में इसके लिवाल नहीं हैं। कपास की आवक घटकर 2,700-2,800 गांठ रहने और बिनौला खल का दाम नीचा रहने के बीच बिनौला तेल के दाम में सुधार आया।
उन्होंने कहा कि सरकार को मवेशियों और पशुपालन क्षेत्र के हित को ध्यान में रखते हुए बाजार धारणा बिगाड़ने वाले मिलावटी बिनौला खल का कारोबार रोकने के लिए सख्त कदम उठाना चाहिये।
तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:
सरसों तिलहन - 6,025-6,125 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली - 5,175-5,500 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 13,950 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली रिफाइंड तेल - 2,115-2,415 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 13,050 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 2,240-2,340 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 2,240-2,365 रुपये प्रति टिन।
तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 13,350 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 13,150 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 9,300 रुपये प्रति क्विंटल।
सीपीओ एक्स-कांडला- 12,400 रुपये प्रति क्विंटल।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 12,550 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 14,000 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन एक्स- कांडला- 13,000 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।
सोयाबीन दाना - 4,225-4,275 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन लूज- 3,925-4,025 रुपये प्रति क्विंटल।
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