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जरुरी जानकारी | आयातित पामआयल और सस्ता होने के आसार से घरेलू तेल तिलहन बाजार पर दबाव बढा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. मूंफली तथा सरसों के अच्छे खासे घरेलू स्टाक के बीच विदेशों से सस्ते खाद्य तेलों का आयात बढ़ने के आसार से स्थानीय तेल तिलहन बाजार में मंगलवार को देशी तेलों में मांग कमजोर रही भाव टूट गए।

जरुरी जानकारी | आयातित पामआयल और सस्ता होने के आसार से घरेलू तेल तिलहन बाजार पर दबाव बढा

नयी दिल्ली, 28 जुलाई मूंफली तथा सरसों के अच्छे खासे घरेलू स्टाक के बीच विदेशों से सस्ते खाद्य तेलों का आयात बढ़ने के आसार से स्थानीय तेल तिलहन बाजार में मंगलवार को देशी तेलों में मांग कमजोर रही भाव टूट गए।

बाजार सूत्रों ने कहा कि मलेशिया और इंडोनिशिया में पामतेल का भारी स्टॉक जमा है ।वहां वाले दिनों में पाम तेल काउत्पादन और बढ़ने का अनुमान है। ऐसे में इन देशों को पुराने व नये स्टॉक को बाजार में खपाने की चिंता है।

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व्यापारिक सूत्रों ने बताया कि इंडोनेशिया ने निर्यात बढाने के लिए क्रूड पाम तेल पर पांच प्रतिशत का निर्यात शुल्क हटा दिया है। उनके अनुसार मलेशिया में मंगलवार को भाव में 2.5 प्रतिशत की गिरावट आई है।

इस बीच , देश में पामतेल के आयात शुल्क मूल्य को 15 जुलाई के मूल्य से भी कम कर दिया गया है जिससे देश में सस्ते आयातित तेल की आवक बढ़ने की पूरी आशंका है। बाजार के सूत्रों ने कहा कि घरेलू मंडियों में सूरजमुखी, मूंगफली, सोयाबीन जैसे देशी तेल- तिलहन के भाव लागत से भी कम हैं और किसानों को इन्हें औने पौने दाम पर बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है। सस्ते आयात के कारण देशी तिलहन उत्पादक किसान, उद्यमीख् उपभोक्ताओं और तिलहन उद्योगों को भारी नुकसान है।

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बाजार सूत्रों का कहना है कि किसानों और सहकारी संस्था नाफेड के पास मूंगफली और सरसों का काफी स्टॉक है जो सस्ते आयात के कारण भाव गिरने से बाजार में खप नहीं पा रहा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार को भी तत्काल इस दिशा में कोई ऐसी पहल करनी चाहिये कि देशी तेल तिलहन उत्पादन किसान और तेल उद्योग के हित संरक्षित रह सकें।

उन्होंने कहा कि सस्ता आयात जारी रहा तो देश का तिलहन उद्योग, किसान को भारी नुकसान होगा तथा सरकार को तत्काल कार्रवाई करते हुए सस्ते आयातित तेलों पर आयात शुल्क में भारी वृद्धि करनी चाहिये, नहीं तो देश आत्मनिर्भरता की ओर नहीं बढ़ सकता।

मलेशिया एक्सचेंज में भाव टूटने से कच्चा पामतेल (सीपीओ) और पामोलीन तेल कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई।

तेल-तिलहन के मंगलवार को बंद भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)

सरसों तिलहन - 4,810- 4,870 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।

मूंगफली दाना - 4,670 - 4,720 रुपये।

वनस्पति घी- 965 - 1,070 रुपये प्रति टिन।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 12,280 रुपये।

मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 1,845- 1,895 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 9,890 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,570 - 1,710 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,670 - 1,790 रुपये प्रति टिन।

तिल मिल डिलिवरी तेल- 11,000 - 15,000 रुपये।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 9,080 रुपये।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 8,850 रुपये।

सोयाबीन तेल डीगम- 7,920 रुपये।

सीपीओ एक्स-कांडला-7,340 रुपये।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 7,950 रुपये।

पामोलीन आरबीडी दिल्ली- 8,780 रुपये।

पामोलीन कांडला- 8,000 रुपये (बिना जीएसटी के)।

सोयाबीन तिलहन डिलिवरी भाव 3,625- 3,650 लूज में 3,360--3,425 रुपये।

मक्का खल (सरिस्का) - 3,500 रुपये

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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 28, 2020 04:27 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).