जरुरी जानकारी | शराब पेयों पर क्रमिक तरीके से हो आयात शुल्क में कटौती: उद्योग संगठन

नयी दिल्ली, एक अक्टूबर भारतीय शराब उद्योग के संगठन सीआईएबीसी ने सरकार से बृहस्पतिवार को आग्रह किया कि इस क्षेत्र में आयात शुल्क में कमी क्रमिक और नियंत्रित तरीके से की जानी चाहिये, ताकि घरेलू उद्योग को उचित सुरक्षा प्रदान की जा सके।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने द्विपक्षीय मुक्त व्यापार समझौते का प्रस्ताव करते हुए पिछले महीने कहा था कि भारत ब्रिटेन से स्कॉच, व्हिस्की के आयात पर चर्चा करने के लिये तैयार है।

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कंफेडरेशन ऑफ इंडियन अल्कोहलिक बेवरेज कंपनीज (सीआईएबीसी) ने मंत्री को लिखे पत्र में सरकार से अनुरोध किया कि ब्रिटेन से आयातित शराब पर बुनियादी सीमा शुल्क (बीसीडी) को कम करने के किसी भी प्रस्ताव के साथ आगे नहीं बढ़ा जाना चाहिये।

संगठन ने कहा, “भारत ब्रिटेन के साथ अपनी बातचीत के हिस्से के रूप में मादक पेयों पर बीसीडी में कमी पर विचार कर रहा है। भारतीय कंपनियों को आयात से उचित सुरक्षा प्रदान करने, यूरोपीय कंपनियों के मुकाबले बराबर स्तर देने और भारतीय उत्पादों को वैश्विक स्तर पर सफलता प्राप्त करने में मदद करने के लिये बीसीडी में कोई भी कमी को नियंत्रित व क्रमिक तरीके से होना चाहिये।’’

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संगठन ने कहा कि ऐसा नहीं करने से भारतीय उद्योग पर विनाशकारी प्रभाव पड़ेगा। इससे भारतीय किसानों को बहुत नुकसान होगा और बड़े पैमाने पर लोग बेरोजगार होंगे।

सीआईएबीसी के महानिदेशक विनोद गिरि ने कहा कि उद्योग सरकार से एक समान स्तर का अवसर सुनिश्चित करने का आग्रह कर रहा है।

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