विदेश की खबरें | ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया पहले वाली सुनवाई से छोटी होगी

संसद भवन पर हमले की घटना के लगभग एक महीने बाद, मंगलवार को महाभियोग आरंभ होगा। इस बार प्रक्रिया के पहले की कार्यवाही के समान जटिल होने और लंबा चलने की संभावना नहीं है, जिसमें एक वर्ष पहले ट्रंप बरी हो गए थे। तब उन पर आरोप लगा था कि उन्होंने यूक्रेन पर इस बात के लिए दबाव बनाया है कि वह उनके तत्कालीन प्रतिद्वंद्वी जो बाइडन को विवादों में घसीटे।

इस बार ट्रंप ने छह जनवरी की रैली में अपने समर्थकों से ‘‘लड़ने’’ के लिए आह्वान किया था और यूएस कैपिटल में उसके बाद जो हुआ वह सारी दुनिया ने देखा। संभव है कि इस बार भी ट्रंप बेदाग निकल आएं लेकिन इस बार सुनवाई पहले के मुकाबले आधे ही वक्त में खत्म होने की उम्मीद है।

कार्यवाही के बारे में अभी सीनेट के नेताओं के बीच विस्तार से बातचीत चल रही है। ऐसा अनुमान है कि इस दौरान कम संख्या में गवाहों को बुलाया जाएगा क्योंकि अभियोजक और बचाव पक्ष के वकील सीधे सीनेटरों से बात करेंगे। अनेक सीनेटर उस हमले के साक्षी रहे हैं और अपनी सुरक्षा की खातिर उन्हें वहां से भागना पड़ा था।

बचाव पक्ष के वकीलों ने ट्रंप की गवाही का अनुरोध अस्वीकार कर दिया है।

ट्रंप अमेरिका के ऐसे पहले राष्ट्रपति होंगे जिन्हें दो बार महाभियोग की प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा। वह ऐसे पहले राष्ट्रपति होंगे जिन्हें व्हाइट हाउस छोड़ने के बाद सुनवाई का सामना करना होगा।

एपी

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