नयी दिल्ली, छह दिसंबर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बुधवार को संसद को बताया कि जल्दी ही भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के दो परिसर विदेशों में भी खुलेंगे।
प्रधान ने उच्च सदन में प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवालों के जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दो आईआईटी संस्थानों के परिसर विदेशों में खुल रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक परिसर अबु धाबी में होगा जो आईआईटी दिल्ली का होगा जबकि आईआईटी चेन्नई का एक परिसर जंजीबार में खुलेगा, जो अफ्रीकी देशों की आवश्यकता पर केंद्रित होगा।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारतीय संस्थानों को विदेशों में परिसर स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा वहीं दुनिया के प्रमुख विश्वविद्यालयों को भारत में संचालन की सुविधा प्रदान की जाएगी।
उन्होंने कहा कि विदेशों से अधिक संख्या में छात्रों को भारत आना चाहिए वहीं अधिक भारतीय छात्रों को वैश्विक संस्थानों से जुड़ना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘...आज हमारे छात्र देश से बाहर जाने के लिए विवश हैं। बड़ी संख्या में विदेशी छात्र भी भारत आ रहे हैं। इसमें तेजी लाने के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति में शिक्षा के अंतरराष्ट्रीयकरण पर जोर दिया गया है।’’
प्रधान ने कहा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने भारत में विदेशी उच्च शिक्षण संस्थानों (एफएचईआई) के परिसरों की स्थापना की सुविधा के लिए विनियम जारी किए हैं।
उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति में भारतीय छात्रों के विदेशों में पढ़ाई करने पर अरबों डॉलर का खर्च आता है और ऐेसे में सरकार की परिकल्पना है कि भारत में भी विदेशी संस्थानों के परिसर हों वहीं भारतीय संस्थानों के परिसर विदेशों में हों।
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