नयी दिल्ली, 27 मई सार्वजानिक क्षेत्र की इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनी लिमिटेड (आईआईएफसीएल) नवीकरण ऊर्जा क्षेत्र की परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए धन जुटाने को लेकर हरित बांड का रास्ता तलाश रही है।
आईआईएफसीएल के प्रबंध निदेशक पी आर जयशंकर ने शुक्रवार को कहा, ‘‘हमारी सहायक कंपनी आईआईएफसीएल प्रोजेक्ट्स भारत में हरित बांड के लिए एक प्रमाणित एजेंट है। इसलिए, हम पहले से ही इस प्रणाली में हैं। सवाल यह है कि यह बांड परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में हमारी मदद कैसे करेगा।’’
ग्रीन बांड भी अन्य सामान्य बांड की तरह ही होते है। इसमें अंतर सिर्फ इतना है कि निवेशकों के जरिये जुटाया गया धन ऐसी परियोजनाओं में इस्तेमाल किया जाता है, जिनका पर्यावरण पर सकरात्मक प्रभाव हो।
वर्तमान में कंपनी के वित्तपोषण का 15 प्रतिशत देश में नवीकरणीय परियोजनाओं की तरफ जा रही हैं।
जयशंकर ने कहा कि सरकार की तरफ से नवीकरणीय ऊर्जा पर बहुत जोर दिया जा रहा है, इसलिए इन कंपनियों का प्रतिशत बढ़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कंपनी अपने वित्त पोषण के माध्यमों में विविधता लाने पर विचार कर रही है और वैकल्पिक निवेश कोष (एआईएफ) भी तलाश कर रही है।
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