नयी दिल्ली, 11 जून भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) और इंडियन फार्मर्स कोआपरेटिव लिमिटेड (इफको) ने किसानों के प्रशिक्षण व जागरूकता के लिये बुधवार को एक समझौते पर हस्ताक्षर किया।
इफको ने बृहस्पतिवार को एक विज्ञप्ति में बताया कि इस समझौते से आईसीएआर के संस्थान और कृषि विज्ञान केन्द्र (केवीके) किसानों के लाभ के लिये जागरूकता कार्यक्रम, अभियान, क्षेत्र परीक्षण और प्रदर्शन के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान करके तकनीकी प्रगति का प्रसार करने में सक्षम होंगे। इनके माध्यम से विभिन्न उत्पादों का सहयोगात्मक अनुसंधान, परीक्षण और सत्यापन भी सुनिश्चित होगा।
इस मौके पर भारत सरकार के कृषि आयुक्त डॉ. मल्होत्रा, अपर महानिदेशक (सीडीएन) डॉ. किमोठी, एटीएआरआई निदेशक तथा केवीके के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
विपणन निदेशक योगेन्द्र कुमार ने बताया कि समझौता ज्ञापन से नवीन उत्पादों के परीक्षण, सत्यापन और प्रसार में अभूतपूर्व मदद मिलेगी, जिससे किसानों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि आईसीएआर के साथ चर्चा के बाद जल्द ही कार्य योजना बनायी जायेगी।
यह भी पढ़े | 7th Pay Commission: फैमिली पेंशन पाने का यह है नियम, जान लेंगे तो होगा फायदा.
इफको के प्रबंध निदेशक डॉ. उदय शंकर अवस्थी ने इस मौके पर कृषि के क्षेत्र में शानदार उपलब्धियों के लिये आईसीएआर की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि उद्योग के साथ शोध सहयोगात्मक होना चाहिये। इससे दोनों संगठनों के उन्नत प्रतिभाओं के योगदान से प्रयोगशालाओं के मध्य प्रौद्योगिकी के प्रसार में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘प्रौद्योगिकी के प्रभावी उपयोग से रासायनिक उर्वरक की खपत को कम करके किसानों की सेवा करना ही इस पहल का अंतिम उद्देश्य है। हम मृदा को रसायनमुक्त करने के लिये काम कर रहे हैं। रसायन मृदा को असंतुलित करते हैं और उसके स्वास्थ्य के लिए अनुपयुक्त होते हैं। इन उपक्रमों को आईसीएआर समर्थन और प्रोत्साहन देगा।’’
उन्होंने कहा कि यह समझौता किसानों की समस्याओं का हल करने में मददगार साबित होगा। इसके साथ ही यह किसानों की आय 2022 तक दोगुना करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लक्ष्य को पाने में भी मदद करेगा।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY