विदेश की खबरें | यदि विवादास्पद राजनयिक केबल पर अमेरिकी मीडिया की खबर सच है तो यह ‘शर्मनाक क्षण’ होगा: शरीफ
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

इस्लामाबाद, 10 अगस्त पाकिस्तान के निवर्तमान प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बृहस्पतिवार को कहा कि यदि एक अमेरिकी प्रकाशन की खबर में पिछले साल इमरान खान की सरकार को गिराने की अमेरिकी साजिश के सबूत होने का दावा सच है, तो यह ‘‘बड़े पैमाने पर अपराध’’ के समान होगा और ‘‘शर्मनाक क्षण होगा।’’

शरीफ अमेरिका के एक ऑनलाइन समाचार संगठन ‘द इंटरसेप्ट’ में प्रकाशित एक खबर का जिक्र कर रहे थे, जिसमें दावा किया गया है कि उस ‘‘गुप्त’’ राजनयिक केबल को प्राप्त कर लिया गया है, जो पूर्व प्रधानमंत्री खान के अनुसार, पिछले साल अप्रैल में उनकी सरकार के पतन का कारण बना था।

खान (70) वर्तमान में भ्रष्टाचार के एक मामले में अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद तीन साल की जेल की सजा काट रहे हैं।

कथित ‘साइफर’ (गुप्त राजनयिक केबल) में दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों के ब्यूरो के सहायक सचिव डोनाल्ड लू और पाकिस्तानी दूत असद मजीद खान सहित अमेरिकी विदेश विभाग के अधिकारियों के बीच एक बैठक का विवरण है।

शरीफ ने ‘डब्ल्यूई न्यूज’ के साथ एक साक्षात्कार में कहा, “यदि अल्लाह न करे कि यह सरकार अमेरिकी साजिश से आई होती, तो यह हमारे लिए शर्म की बात होती।’’

शरीफ ने कहा, ‘‘यदि साइफर की सामग्री (अंतरराष्ट्रीय अखबार में) प्रकाशित हुई है और सच है, तो यह एक बड़ा अपराध होगा।’’

वहीं, निवर्तमान प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके नेतृत्व में साइफर मुद्दे पर राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की दो बैठक हुई थीं। उन्होंने कहा कि एक बैठक में पूर्व राजदूत एवं विदेश सचिव असद मजीद ने साफ कहा था कि वरिष्ठ अमेरिकी राजनयिक लू के साथ उनकी मुलाकात में किसी साजिश के बारे में कोई बात नहीं हुई।

उन्होंने कहा कि सेना के पूर्व प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा और अन्य विभागों के प्रमुखों ने भी पुष्टि की है कि पाकिस्तान के खिलाफ कोई साजिश नहीं थी। उन्होंने कहा कि माजिद ने भी कहा था कि साजिश का कोई सवाल ही नहीं है।

शरीफ ने दोहराया कि खान के आरोप पूरी तरह से झूठे थे और उनमें कोई वास्तविकता नहीं थी।

इससे पूर्व दिन में पाकिस्तान के निवर्तमान गृह मंत्री मंत्री राणा सनाउल्लाह ने एक अमेरिकी प्रकाशन की उस खबर में इस्तेमाल किए गए स्रोत दस्तावेज की प्रामाणिकता निर्धारित करने के लिए जांच का आह्वान किया जिसमें पिछले साल इमरान खान की सरकार को गिराने की अमेरिकी साजिश के सबूत होने का दावा किया गया था।

सनाउल्लाह ने सिलसिलेवार ट्वीट कर कहा, ‘‘यह एक बहुत ही भयानक, विश्वासघाती और देशद्रोही कृत्य है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इस कहानी में हालांकि कुछ भी नया नहीं है, लेकिन जानकारी या स्रोत दस्तावेज की प्रामाणिकता जानने के लिए जांच की जानी चाहिए।’’

खान ने आरोप लगाया था कि अमेरिका ने उन्हें अपदस्थ करने की साजिश रची थी। अमेरिका ने इन आरोपों का खंडन किया है और इन्हें आधारहीन बताया है।

वाशिंगटन में बुधवार को संवाददाता सम्मेलन के दौरान एक सवाल का जवाब देते हुए, अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने कहा, ‘‘मैं यह नहीं कह सकता कि यह वास्तविक पाकिस्तानी दस्तावेज है या नहीं। इस बारे में मुझे जानकारी नहीं है।’’

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