कोलकाता, 30 मार्च भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को दावा किया कि यदि 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद भी तृणमूल कांग्रेस पश्चिम बंगाल में सत्ता में बनी रही तो एक दिन राज्य के हिंदुओं को अस्तित्व के संकट का सामना करना पड़ेगा।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने भी कहा कि हिंदुओं को एकजुट होना होगा।
उनकी ये टिप्पणियां बृहस्पतिवार को मालदा जिले के मोथाबारी इलाके में हुई सांप्रदायिक झड़पों की पृष्ठभूमि में आई हैं।
अधिकारी ने पूर्व मेदिनीपुर जिले में अपने निर्वाचन क्षेत्र नंदीग्राम में एक कार्यक्रम के दौरान आरोप लगाया कि ममता बनर्जी सरकार उन ‘जिहादी’ तत्वों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है, जिनका मनोबल मोथाबारी जैसे स्थानों पर हिंदुओं पर हमला करने और उनकी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की हद तक बढ़ गया है और उन्हें किसी बात का डर नहीं है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता अधिकारी ने कहा, ‘‘यदि भाजपा सत्ता में आयी तो मोथाबारी और इससे पहले मुर्शिदाबाद के बेलडांगा, हावड़ा के श्यामपुर जैसे स्थानों पर हिंदुओं पर हुए हमलों के पीछे शामिल सभी जिहादी तत्वों का पता लगाया जाएगा, उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा और दंडित किया जाएगा।’’
उन्होंने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस सरकार की तुष्टिकरण की राजनीति के कारण पश्चिम बंगाल में हिंदू 85 प्रतिशत से घटकर 67 प्रतिशत रह गये हैं।
अधिकारी ने कहा, ‘‘अगर ममता बनर्जी सरकार कुछ और साल सत्ता में बनी रहती है, तो यह प्रतिशत और कम हो जाएगा।’’
अधिकारी ने कहा, ‘‘यह हिंदुओं की सभी जातियों एवं पंथों के लिए एक लड़ाई होगी और इस लड़ाई में उन्हें एकजुट होना होगा अन्यथा उनका अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा।’’
हाल में बरुईपुर में भाजपा की रैली के दौरान किए गए विरोध का जिक्र करते हुए विपक्ष के नेता ने कहा, ‘‘मेरे वाहन को जिहादी तत्वों ने क्षतिग्रस्त कर दिया, लेकिन उन्हें जल्द ही 2026 में करारा जवाब मिलेगा।’’
केंद्रीय मंत्री और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने मालदा जिले में एक अन्य कार्यक्रम में पत्रकारों से बात करते हुए अधिकारी जैसी राय सामने रखी।
मजूमदार के नेतृत्व में भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल को रविवार को पुलिस ने मोथाबारी से करीब तीन किलोमीटर पहले इंग्लिश बाजार में रोक दिया। यह प्रतिनिधिमंडल मोथाबारी जा रहा था जहां दो समुदायों के बीच झड़प की खबर है।
मजूमदार ने कहा, ‘‘ तृणमूल नियंत्रित पुलिस ने हावड़ा जैसी जगहों पर रामनवमी रैलियों पर कुछ प्रतिबंध और शर्तें लगाई हैं। पिछले साल, उसने (पुलिस ने) मुझे हावड़ा में प्रवेश करने की भी अनुमति नहीं दी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इस साल हिंदू इस धार्मिक आयोजन को शांतिपूर्वक मनाने की अपनी स्वतंत्रता पर कोई रोक नहीं लगने देंगे। हम नियमों के अनुसार चलेंगे, लेकिन अगर पुलिस हिंदुओं के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन पर हमला करती है, तो प्रतिरोध होगा।’’
प्रदेश भाजपा प्रमुख ने कहा कि हिंदू अपनी पहचान की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण तरीके से एकजुट होंगे।
अधिकारी और मजूमदार का विरोध करते हुए वरिष्ठ तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी ने दावा किया कि भाजपा के पास धार्मिक उन्माद को भड़काने तथा भय और आशंका का माहौल बनाने के अलावा कोई और एजेंडा नहीं है।
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