नयी दिल्ली, 22 फरवरी इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माता अगले पांच वर्षों में इस क्षेत्र के निर्यात को दोगुना से अधिक कर 25 अरब डॉलर तक पहुंचाना चाहते हैं।
भारतीय इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (आईईईएमए) के अध्यक्ष सुनील सिंघवी ने शनिवार को यह बात कही।
उन्होंने कहा, ‘‘हम अपने सदस्यों के लिए दुनिया भर में बाजार पहुंच बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। आज हमारा निर्यात लगभग 12 अरब डॉलर है और हम अगले पांच वर्षों में इसे 25 अरब डॉलर करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’’
ग्रेटर नोएडा में इलेक्रामा 2025 में एक सत्र को संबोधित करते हुए, सिंघवी ने कहा कि आईईईएमए का दृष्टिकोण भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिकल विनिर्माण के लिए एक वैश्विक केंद्र बनाना है।
उन्होंने कहा कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में बदलाव के साथ, दुनिया ऊर्जा समाधान के क्षेत्र में एक भरोसेमंद भागीदार के रूप में भारत की ओर देख रही है।
उन्होंने आगे कहा, ''निर्यात बढ़ाने के लिए यह महत्वपूर्ण है कि हम अंतरराष्ट्रीय मानक निकायों में सक्रिय रूप से भाग लें...नीति, यानी मानक निर्यात, वित्तपोषण, नया व्यापार मॉडल और प्रतिस्पर्धात्मकता की वकालत करें।''
आईईईएमए देश में गुणवत्ता मानकों और परीक्षण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सभी अंशधारकों के साथ काम कर रहा है।
सिंघवी ने उद्योग के सदस्यों से नवाचार, कौशल, नए युग की तकनीकों को अपनाने में निवेश करने का भी आग्रह किया।
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