देश की खबरें | आईसीएमआर ने आवश्यक सहायक उत्पादों की राष्ट्रीय सूची जारी की

नयी दिल्ली, 16 सितंबर भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान संस्थान (आईसीएमआर) ने अधिक समावेशी भविष्य के लिए बाधाओं को तोड़ते हुए शारीरिक रूप से अशक्त लोगों के जीवन में बदलाव लाने की दिशा में आवश्यक सहायक उत्पादों को प्राथमिकता देने के वास्ते इन उत्पादों की राष्ट्रीय सूची जारी की है।

ये उत्पाद जीवन की गुणवत्ता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लेकिन इन उत्पादों को प्राप्त करने में, विशेष रूप से आर्थिक रूप से वंचित आबादी को चुनौतियां पेश आ सकती हैं। यह उन 21 सहायक उत्पादों और प्रौद्योगिकियों की एक सूची है, जो शारीरिक रूप से अशक्त व्यक्तियों के लिए उनके जीवन की गुणवत्ता और समाज में भागीदारी बढ़ाने के लिए आवश्यक मानी जाती हैं।

आईसीएमआर ने 2020 में इन सहायक उत्पादों की राष्ट्रीय सूची विकसित करने के लिए एक व्यापक कवायद शुरू की, जिसमें विषय विशेषज्ञों, अंतिम-उपयोगकर्ताओं, नीति निर्माताओं, गैर-सरकारी संगठनों, निर्माताओं, शिक्षाविदों, मानकीकरण पेशेवरों और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से सहयोग लेने के साथ-साथ सहायक उत्पाद सूची भी शामिल थी।

आईसीएमआर के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रविंदर सिंह ने कहा, ‘‘हम शरीर के सात क्रियात्मक क्षेत्रों-अंगों के गतिविधि नहीं करने, शारीरिक गतिविधियों से संबंधित, दृश्य, श्रवण, अनुभूति, संवाद, खुद की देखभाल,खेलकूद, और फुर्सत के क्षणों में की जाने वाली गतिविधियों पर काम करते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘आमतौर पर मरीज इनमें से किसी एक क्षेत्र में समस्या रहने के कारण हमारे पास आते हैं।’’

सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय सूची का प्राथमिक उद्देश्य सरकारी एजेंसियों, स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं और पुनर्वास सेवाओं के लिए संदर्भ बिंदु के रूप में कार्य करते हुए आवश्यक सहायक उत्पाद तक सार्वभौमिक पहुंच सुनिश्चित करना है।

इन सहायक उत्पादों में दृश्य उपकरण, सुनने के उपकरण, व्हीलचेयर, वॉकर और रोलेटर, दृष्टिबाधित लोगों के लिए छड़ी, चलने के लिए सहारा देने वाली छड़ी, बैसाखी, कृत्रिम अंग, जूते, ब्रेल, स्पर्श और ऑडियो संकेतक, तिपहिया साइकिल आदि शामिल हैं।

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