देश की खबरें | आईसीएमआर ने जांच के लिये त्वरित एंटीजन किट्स के इस्तेमाल की अनुशंसा की
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नयी दिल्ली, 15 जून आईसीएमआर ने कोविड-19 की जांच के लिए निषिद्ध क्षेत्रों और स्वास्थ्य केंद्रों में आरटी-पीसीआर जांच के साथ ही त्वरित एंटीजन जांच किट्स के इस्तेमाल की भी सिफारिश की है जो उसके मुताबिक उच्च सटीकता रखते हैं।

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने एक परामर्श में कहा कि यह किट प्रयोगशाला की जांच के बिना ही ज्यादा तेजी से निदान की सुविधा देगी। स्टैंडर्ड क्यू कोविड-19 एजी जांच किट (त्वरित एंटीजन जांच किट्स) सार्स-सीओवी-2 के विशिष्ट एंटीजन की गुणात्मक पहचान का पता लगाने के लिये एक त्वरित क्रोमेटोग्राफिक इम्युनोएस्से (वर्णलेखन से एंटीजन के जरिये प्रोटीन या विशेषताओं की पहचान करना) है।

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आईसीएमआर ने कहा कि रैपिड एंटीजन जांच द्वारा जिन संदिग्ध व्यक्तियों में कोविड-19 नहीं पाया जाता उनमें बाद में इसकी संभावना को पूरी तरह खत्म करने के लिए आरटी-पीसीआर जांच कराई जानी चाहिए, जबकि जिन लोगों में

एंटीजन जांच में संक्रमण की बात आ जाती है उन्हें वास्तविक संक्रमित माना जाना चाहिए और उनमें पुन:पुष्टि के लिये आरटी-पीसीआर जांच कराए जाने की जरूरत नहीं है।

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इसमें कहा गया कि इस जांच के नतीजे 15 मिनट में देखे जा सकते हैं और इसके लिये कोई विशेष उपकरण की आवश्यकता नहीं होती।

आईसीएमआर ने कहा कि संक्रमित होने या नहीं होने की जानकारी अधिकतम 30 मिनटों में प्राप्त हो जाती है और उसके बाद जांच में इस्तेमाल हुई जांच स्ट्रिप को नष्ट कर दिया जाना चाहिए।

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