नयी दिल्ली, एक सितंबर चार्टर्ड एकान्टेंट निकाय भारतीय सनदी लेखाकर संस्थान (आईससीएआई) फोरेंसिक लेखा और आडिट प्रक्रिया के लिये विस्तृत मानक बनाने में लगा है।
इसे इस दिसंबर तक सार्वजनिक करने का लक्ष्य है और यह दुनिया में इस क्षेत्र के लिए किसी देश की लेखा नियामक संस्था की ओर से स्थापित किया जाने वाला पहला फोरेंसिक आडिट/ आकलन मानक होगा।
आईसीएआई के अध्यक्ष अतुल कुमार गुप्ता ने वीडियो कांफेन्सिंग के जरिये आयोजित संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी देते हुए कहा, ृ छह समूह के तहत कुल 30 मानक होंगे।’
मानक लाने का निर्णय ऐसे समय किया गया है जब कॉरपोरेट और बैंक धोखाधड़ी में तथ्यों का पता लगाने को लेकर फोरेंसिक लेखा और जांच के मामले बढ़ रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि फोरेंसिक लेखा और जांच के लिये फिलहाल कोई मानकीकरण नहीं है अैर संस्थान इस संदर्भ में पहली बार मानक तैयार कर रहा है। ये मानक दिसंबर के अंत तक तैयार हो जाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि फोरेंसिक आडिट की प्रक्रिया के मानकी करण से इसकी विश्वसनीयता ,गुणवत्ता और स्वीकार्यता बढेगी।
आईसीएआई के अनुसार ये मानक कानून को लागू करने वाली एजेंसियों, कंपनियों, बैंक और अन्य संबद्ध पक्षों के लिये भी उपयोगी साबित होंगे।
गुप्ता ने कहा कि मानकों से काम की गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ अधिक विश्वसनीयता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। साथ ही इससे फोरेंसिक जांच कार्यों की स्वीकार्यता बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
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