Chhattisgarh Schools News: छत्तीसगढ़ के स्कूलों में अब मंत्रोच्चार से होगी दिन की शुरुआत, बारहखड़ी के साथ AI भी सीखेंगे बच्चे
छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों के पाठ्यक्रम और दिनचर्या में बड़े बदलाव होने जा रहे हैं. अब स्कूलों में मंत्रोच्चार के साथ पढ़ाई शुरू होगी और बच्चों को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की आधुनिक जानकारी भी दी जाएगी.
Chhattisgarh Schools News: छत्तीसगढ़ की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में जल्द ही एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. राज्य सरकार ने सरकारी स्कूलों की दिनचर्या और पाठ्यक्रम को आधुनिक तकनीक और भारतीय संस्कृति के मेल से संवारने की योजना बनाई है. अब प्रदेश के स्कूलों में पढ़ाई की शुरुआत राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के साथ-साथ मंत्रोच्चार से होगी. स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने इस नई शिक्षा नीति और कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी साझा की है.
बारहखड़ी से लेकर AI तक की शिक्षा
शिक्षा मंत्री ने बताया कि नए सत्र से बच्चों को केवल पारंपरिक किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि भविष्य की तकनीक से भी जोड़ा जाएगा. पाठ्यक्रम में 'बारहखड़ी' जैसे बुनियादी ज्ञान के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को भी शामिल किया जा रहा है. इसके लिए गूगल के अधिकारियों की मदद ली जा रही है, जो शिक्षकों को आधुनिक तकनीक और एआई आधारित शिक्षा के लिए प्रशिक्षित करेंगे. यह भी पढ़े: Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला, 30 मेडिकल मोबाइल वैन सेवा की हुई शुरूआत
मंत्रोच्चार और महापुरुषों के प्रेरक प्रसंग
स्कूलों में अब हर दिन की शुरुआत सकारात्मक ऊर्जा के साथ करने के लिए मंत्रोच्चार को अनिवार्य किया जाएगा. इसके साथ ही, बच्चों के नैतिक विकास के लिए हर महीने उन महापुरुषों पर विशेष व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे, जिनका उस माह जन्मदिन होगा. इसका उद्देश्य छात्रों को महापुरुषों के जीवन संघर्ष और उनके योगदान से परिचित कराना है.
'बैगलेस डे' अब होगा 'एक्टिविटी डे'
सरकार ने शनिवार को मनाए जाने वाले 'बैगलेस डे' के स्वरूप में भी बदलाव किया है. अब इसे 'एक्टिविटी डे' के रूप में मनाया जाएगा. इस दिन छात्र भारी बस्ते के बिना स्कूल आएंगे और स्थानीय खेल, योग, गार्डनिंग और हाउसकीपिंग जैसी गतिविधियों में हिस्सा लेंगे. इसके माध्यम से बच्चों को छत्तीसगढ़ के स्थानीय तीज-त्योहारों और लोक संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा.
शिक्षकों और प्रिंसिपल्स का विशेष प्रशिक्षण
शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 15 अप्रैल से 15 जून तक शिक्षकों के लिए एक व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जाएगा. स्कूलों के मैनेजमेंट को बेहतर बनाने के लिए सभी प्रिंसिपल्स की भी ट्रेनिंग होगी. सरकार की तैयारी है कि 16 जून को जब नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो, तो पहले ही दिन छात्रों को सभी आवश्यक संसाधन और पुस्तकें उपलब्ध करा दी जाएं.
शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने स्पष्ट किया कि इन बदलावों का उद्देश्य छत्तीसगढ़ की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर और वैश्विक स्तर के अनुरूप बनाना है, ताकि यहाँ के बच्चे आधुनिक तकनीक के साथ-साथ अपनी जड़ों से भी जुड़े रहें.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 10, 2026 09:42 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

