नयी दिल्ली, 19 फरवरी चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) के शीर्ष निकाय आईसीएआई ने पिछले एक साल में 241 मामलों में लोगों को सजा सुनाई है।
भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान (आईसीएआई) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन वर्षों... 2022-23 से 2024-25... में संस्थान ने कुल 241 मामलों में सजा सुनाई है।
आईसीएआई के चार लाख से अधिक सदस्य हैं।
सजा के तहत संबंधित चार्टर्ड अकाउंटेंट का नाम 15 दिन से लेकर पांच साल तक के लिए हटाया जा सकता है और जुर्माना 5,000 रुपये से लेकर पांच लाख रुपये तक हो सकता है।
संस्थान की अनुशासन समिति ने 2024-25 में 118 बैठकें कीं और 270 सुनवाई पूरी की तथा 241 मामलों में सजाएं दी।
इसमें कुछ कर ऑडिट मामले शामिल हैं जिन्हें उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद बंद कर दिया गया था।
आईसीएआई की 2024-25 की अवधि परिषद वर्ष को संदर्भित करती है। यह 12 फरवरी, 2024 से 11 फरवरी, 2025 तक है।
वर्ष 2023-24 में 119 मामलों में सजा दी गई और 2022-23 में यह संख्या 91 थी।
आईसीएआई के नवनिर्वाचित अध्यक्ष चरणजोत सिंह नंदा ने बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी में संवाददाताओं से कहा कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि संस्थान का अनुशासनात्मक तंत्र मजबूत, तेज और न्याय प्रदान करने वाला हो।
संस्थान में 2007 में अनुशासनात्मक तंत्र की स्थापना हुई थी। उसके बाद से 11 फरवरी, 2025 तक 2,771 मामलों में सदस्यों को कथित तौर पर प्रथम दृष्टि में पेशेवर और/या अन्य गड़बड़ी करने का दोषी पाया गया।
इन मामलों को अनुशासन बोर्ड और अनुशासन समिति को जांच के लिए भेजा गया था।
आईसीएआई ने कहा कि इनमें से 2,354 मामलों में सुनवाई पूरी हो चुकी है। 2,354 मामलों में से 1,072 में सदस्यों को कथित तौर पर पेशेवर गड़बड़ी का दोषी ठहराया गया है।
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