देश की खबरें | राजनीतिक लड़ाई के दौरान मुझे ज्यादा जोश आता है: सिद्धरमैया

बेंगलुरु, 19 अगस्त कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने सोमवार को कहा कि राजनीतिक लड़ाई के दौरान उनका जोश बढ़ जाता है।

सिद्धरमैया मैसुरु शहरी विकास प्राधिकरण (एमयूडीए) द्वारा भूखंडों के आवंटन में अनियमितताओं के संबंध में उनके खिलाफ जांच की मंजूरी देने वाले राज्यपाल थावरचंद गहलोत के आदेश से अप्रभावित नजर आए।

आदेश को चुनौती देने के लिए उच्च न्यायालय में याचिका दायर करने के कुछ घंटों बाद मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मेरी अंतरात्मा बिल्कुल साफ है।’’

सिद्धरमैया ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के वकील अभिषेक मनु सिंघवी उच्च न्यायालय में उनके मामले में पैरवी करेंगे।

मुख्यमंत्री ने यहां एक समारोह से इतर संवाददाताओं से कहा, ‘‘मुझे न्यायपालिका पर भरोसा है। मुझे अदालत से राहत मिलने का पूरा भरोसा है, क्योंकि मैंने कोई गलत काम नहीं किया है।’’

मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि वह पहली बार 40 साल पहले 17 अगस्त 1984 को मंत्री बने थे और उनके राजनीतिक जीवन में ‘‘एक भी काला धब्बा’’ नहीं है।

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘मेरा राजनीतिक जीवन एक खुली किताब है। मैंने कोई गलत काम नहीं किया है, न ही कोई गलत काम करूंगा। राजभवन का इस्तेमाल करते हुए भाजपा और जद(एस) ने मेरी छवि खराब करने की साजिश रची है।’’

सिद्धरमैया ने आदेश को ‘‘राजनीति से प्रेरित’’ करार देते हुए कहा कि वह इसका राजनीतिक और कानूनी तरीके से मुकाबला करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हम कानूनी लड़ाई भी लड़ेंगे, हम राजनीतिक लड़ाई भी लड़ेंगे। राजनीतिक लड़ाई के दौरान मुझे अधिक जोश आता है। मैं लगातार सामना करता रहा हूं। मैंने पहले भी ऐसा किया है, अब भी कर रहा हूं और भविष्य में भी करूंगा।’’

एक सवाल पर सिद्धरमैया ने कहा कि राज्य में विपक्षी दल इस भ्रम में है कि अगर वह राजनीतिक रूप से खत्म हो गए तो पूरी कांग्रेस भी ‘‘खत्म हो जाएगी।’’

उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं होने वाला।

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