8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों की बड़ी मांग, न्यूनतम वेतन ₹50,000 से ₹72,000 करने और OPS बहाली का प्रस्ताव
8वें वेतन आयोग के गठन की चर्चाओं के बीच कर्मचारी संघों ने सरकार को नए प्रस्ताव सौंपे हैं. इनमें न्यूनतम वेतन में भारी बढ़ोतरी, फिटमेंट फैक्टर में सुधार और पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करने जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं.
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नई दिल्ली, 25 अप्रैल: 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर देश भर के केंद्रीय कर्मचारियों और शिक्षक संगठनों (Central Government Employees and Teachers' Organizations) की उम्मीदें तेज हो गई हैं. विभिन्न कर्मचारी संघों ने सरकार को विस्तृत प्रस्ताव सौंपे हैं, जिनमें वेतन, भत्तों और सेवानिवृत्ति लाभों (Salary, Allowances, and Retirement Benefits) में बड़े बदलाव की मांग की गई है. यदि ये सिफारिशें स्वीकार कर ली जाती हैं, तो लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन ढांचे में ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल सकता है. यह भी पढ़ें: 8th Pay Commission News: न्यूनतम वेतन ₹72,000 करने की मांग, फिटमेंट फैक्टर को 4.0 तक बढ़ाने का प्रस्ताव
न्यूनतम वेतन में तीन गुना तक बढ़ोतरी की मांग
प्रगतिशील शिक्षक न्याय मंच (PSNM) ने लेवल-1 के कर्मचारियों के लिए न्यूनतम बेसिक पे को वर्तमान ₹18,000 से बढ़ाकर ₹50,000–₹60,000 करने का प्रस्ताव दिया है. वहीं, भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ (BPMS) ने और भी आक्रामक रुख अपनाते हुए इसे चार गुना बढ़ाकर ₹72,000 करने की मांग की है. इसके साथ ही, शीर्ष पदों के लिए अधिकतम वेतन ₹10 लाख तक तय करने का सुझाव दिया गया है.
फिटमेंट फैक्टर और इंक्रीमेंट पर जोर
कर्मचारी संगठनों ने फिटमेंट फैक्टर को मौजूदा 2.57 से बढ़ाकर 2.62 से 4.0 के बीच करने की मांग की है. इसके अलावा, बढ़ती महंगाई और जीवन यापन की लागत को देखते हुए वार्षिक वेतन वृद्धि (Annual Increment) को भी वर्तमान 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 6 से 7 प्रतिशत करने का प्रस्ताव दिया गया है.
महंगाई भत्ता (DA) और अन्य भत्ते
प्रस्ताव में कहा गया है कि जब महंगाई भत्ता (DA) 50 प्रतिशत को पार कर जाए, तो उसे बेसिक पे में मर्ज कर दिया जाना चाहिए. अन्य प्रमुख मांगों में शामिल हैं:
- बच्चों का शिक्षा भत्ता: इसे वर्तमान ₹2,800 से बढ़ाकर ₹7,000 प्रति माह करना.
- HRA में संशोधन: हाउस रेंट अलाउंस को 12%, 24% और 36% की श्रेणियों में रखने का सुझाव.
- नया डिजिटल भत्ता: डिजिटल कामकाज को देखते हुए ₹2,000 प्रति माह का 'डिजिटल सपोर्ट अलाउंस'.
- लीव एनकैशमेंट: अर्जित अवकाश के बदले पैसे लेने की सीमा को 300 से बढ़ाकर 400 दिन करना. यह भी पढ़ें: 8th Pay Commission News: कर्मचारी संघों ने की ₹69,000 न्यूनतम वेतन की मांग, गणना के लिए '5 फैमिली यूनिट' का नया फॉर्मूला प्रस्तावित
OPS की बहाली और सामाजिक सुरक्षा
वेतन वृद्धि के साथ-साथ, लगभग सभी कर्मचारी संघों ने नई पेंशन योजना (NPS) के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करने की मांग को दोहराया है. संगठनों का तर्क है कि कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए OPS अनिवार्य है. साथ ही, वेतन गणना के लिए परिवार की इकाई को तीन से बढ़ाकर पांच सदस्य करने का सुझाव दिया गया है ताकि वेतन का निर्धारण अधिक सटीक हो सके.
सरकार के सामने वित्तीय चुनौती
विशेषज्ञों का मानना है कि जहां ये मांगें कर्मचारी कल्याण के लिए महत्वपूर्ण हैं, वहीं इन्हें लागू करने से सरकारी खजाने पर भारी वित्तीय बोझ पड़ेगा. अब सबकी नजरें 8वें वेतन आयोग के संभावित गठन और उसके द्वारा संतुलित वित्तीय स्थिरता और कर्मचारी हितों के बीच बनाए जाने वाले सामंजस्य पर टिकी हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 25, 2026 04:37 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

