देश की खबरें | हैदराबाद मुठभेड़: न्यायालय ने सिरपुरकर आयोग का कार्यकाल छह महीने बढ़ाया
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 24 जुलाई उच्चतम न्यायालय ने हैदराबाद मुठभेड़ कांड की जांच के लिये गठित न्यायमूर्ति सिरपुरकर आयोग का कार्यकाल शुक्रवार को छह महीने के लिये बढ़ा दिया। पशु चिकित्सक से सामूहिक बलात्कार के बाद उसकी हत्या के आरोप में गिरफ्तार चार आरोपियों की पुलिस मुठभेड़ में मौत की जांच के लिये न्यायालय ने शीर्ष अदालत के पूर्व न्यायाधीश वी एस सिरपुरकर की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच आयोग का गठन पिछले साल दिसंबर में किया था।

प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमणियन की पीठ ने वीडियो कांफ्रेस के माध्यम से जांच आयोग के आवेदन पर विचार के बाद उसका कार्यकाल छह महीने बढ़ाने का आदेश पारित किया ताकि वह अपना काम पूरा करके अंतिम रिपोर्ट पेश कर सके।

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शीर्ष अदालत द्वारा पिछले साल 12 दिसंबर को गठित इस जांच आयोग के अन्य सदस्यों में बंबई उच्च न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश रेखा सोन्दूर बाल्दोता और सीबीआई के पूर्व निदेशक डी के कार्तिकेयन शामिल हैं। इस आयोग को छह महीने में अपनी रिपोर्ट न्यायालय को सौंपनी थी।

न्यायालय को शुक्रवार को सूचित किया गया कि कोविड-19 महामारी के कारण पेश आयी अपरिहार्य परिस्थितियों की वजह से आयोग जांच का काम पूरा नहीं कर सका।

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पुलिस ने चारों आरोपियों-मोहम्मद आरिफ, चिंताकुंता चेन्नाकेशवुलु, जोलू शिवा और जोलू नवीन- को पिछले साल नवंबर में पशु चिकित्सक महिला से सामूहक बलात्कार करने और उसकी हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया था।

पिछले साल छह दिसंबर को हैदराबाद में तेलंगाना पुलिस ने एक मुठभेड़ में इन चारों आरोपियों को मार गिराया था। पुलिस के अनुसार यह घटना सवेरे करीब साढ़े बजे उस समय हुयी जब वह पशु चिकित्सक के साथ सामूहिक बलात्कार और हत्या की जांच के सिलसिले में इन आरोपियों को घटनास्थल पर ले गयी थी।

ये आरोपी हैदराबाद के निकट उसी राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर पुलिस की गोलियों से मारे गये जहां 27 वर्षीय पशु चिकित्सक का जली हुयी अवस्था में शव मिला था।

आयोग के सचिव के माध्यम से न्यायालय में दायर आवेदन में कहा गया था कि अपरिहार्य कारणों से जांच आयोग शीर्ष अदालत द्वारा निर्धारित कार्य शर्तो के अनुरूप काम पूरा नहीं कर सका है। इसलिए जांच आयोग का कार्यकाल छह महीने बढ़ाने का अनुरोध किया जा रहा है।

आयोग ने कहा कि उसकी पहली बैठक हैदराबाद में इस साल तीन फरवरी को हुयी थी। आयोग को अभी तक इस घटना में शामिल पुलिसकर्मियों और तीन मृतकों के परिजनों सहित विभिन्न व्यक्तियों से 1,365 हलफनामे मिले हैं।

आवेदन में कहा गया है कि इस घटना में शामिल पुलिसकर्मियों के हलफनामे 15 जून को ही मिले हैं।

आवेदन में कहा गया है कि उसे मिले 1365 हलफनामों में से लगभग सारे ही तेलुगू में है और सारे रिकार्ड का अंग्रेजी में अनुवाद कराने के बाद उसका सत्यापन कराया गया है।

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