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देश की खबरें | अच्युतानंदन को श्रद्धांजलि देने के लिए सैकड़ों लोग उमड़े

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता वी.एस. अच्युतानंदन के 101 वर्ष की उम्र में निधन के बाद मंगलवार को सैकड़ों लोग ऐतिहासिक दरबार हॉल के बाहर उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए उमड़ पड़े।

देश की खबरें | अच्युतानंदन को श्रद्धांजलि देने के लिए सैकड़ों लोग उमड़े

तिरुवनंतपुरम, 22 जुलाई केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता वी.एस. अच्युतानंदन के 101 वर्ष की उम्र में निधन के बाद मंगलवार को सैकड़ों लोग ऐतिहासिक दरबार हॉल के बाहर उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए उमड़ पड़े।

वरिष्ठ नेता वी.एस. अच्युतानंदन ने सोमवार को अंतिम सांस ली। उनके पार्थिव शरीर को सुबह उनके बेटे के आवास से सचिवालय के अंदर दरबार हॉल में लाया गया।

इस दौरान बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता एंबुलेंस के साथ थे। कई अन्य लोग अपने-अपने वाहनों में एंबुलेंस के पीछे-पीछे आए।

सोमवार रात जब अच्युतानंदन का पार्थिव शरीर पुराने एकेजी सेंटर में रखा गया, तो महिलाओं, बुजुर्गों और छात्रों सहित हजारों लोगों ने उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी। रात करीब 11 बजकर 45 मिनट पर अच्युतानंदन के पार्थिव शरीर को तिरुवनंतपुरम में उनके बेटे के आवास पर ले जाया गया और सुबह तक वहीं रखा गया।

मध्यरात्रि को भी बड़ी संख्या में लोग अपने प्रिय नेता की एक झलक पाने के लिए उनके बेटे के आवास के सामने एकत्र हो गए।

पार्टी सूत्रों ने बताया कि घर पर सार्वजनिक श्रद्धांजलि नहीं दी गई।

मंगलवार दोपहर तक अच्युतानंदन के पार्थिव शरीर को उनके गृहनगर अलप्पुझा ले जाया जाएगा।

पार्टी सूत्रों ने बताया कि उनका अंतिम संस्कार बुधवार दोपहर को अलप्पुझा वलिया चुडुकाडु स्थित सार्वजनिक शवदाह गृह में किया जाएगा।

राज्य सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री के सम्मान में मंगलवार को सार्वजनिक अवकाश और तीन दिन के शोक की घोषणा की है।

वरिष्ठ नेता का सोमवार अपराह्न तीन बजकर 20 मिनट पर पट्टोम एसयूटी अस्पताल के गहन चिकित्सा कक्ष में इलाज के दौरान निधन हो गया।

अच्युतानंदन 23 जून को दिल का दौरा पड़ने के बाद से उपचाराधीन थे।

माकपा के संस्थापक सदस्य अच्युतानंदन श्रमिकों के अधिकारों, भूमि सुधारों और सामाजिक न्याय के आजीवन पक्षधर रहे।

उन्होंने 2006 से 2011 तक केरल के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया और सात बार राज्य विधानसभा के लिए चुने गए, जिसमें से तीन बार उन्होंने विपक्ष के नेता के रूप में कार्य किया।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 22, 2025 10:54 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).