नयी दिल्ली, 22 मई ‘ह्यूमन राइट्स वॉच’ (एचआरडब्ल्यू) ने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग पर प्रतिबंध लगाने के लिए मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार की आलोचना करते हुए कहा है कि यह अपदस्थ नेता तथा उनकी पार्टी के समर्थकों के अधिकारों का दमन है।
अंतरिम सरकार ने 12 मई को आतंकवाद विरोधी संशोधित कानून के तहत अवामी लीग को आधिकारिक तौर पर रातों रात भंग कर दिया।
न्यूयॉर्क स्थित अंतरराष्ट्रीय अधिकार निगरानी संस्था ने बुधवार को अपनी वेबसाइट पर जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ‘‘अंतरिम सरकार द्वारा पूर्व सत्तारूढ़ पार्टी (अवामी लीग) के समर्थकों को मनमाने ढंग से निशाना बनाने से जवाबदेही विफल होती है।’’
इसमें कहा गया है कि आपराधिक न्याय प्रणाली में सुधार लाने और गंभीर दुर्व्यवहारों के लिए जवाबदेही के अपने वादे को पूरा करने के बजाय, यूनुस नीत सरकार हसीना और अवामी लीग के ‘‘समर्थकों के अधिकारों को दबाने का प्रयास कर रही है।’’
इसमें कहा गया है कि 12 मई को अंतरिम सरकार ने आतंकवाद निरोधक अधिनियम में ‘कठोर संशोधन’ के तहत नयी शक्तियों का प्रयोग करते हुए अवामी लीग पर ‘अस्थायी’ प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया।
मूल आतंकवाद-रोधी अधिनियम (2009) में पार्टी पर प्रतिबंध लगाने का प्रावधान नहीं था।
इसमें कहा गया है कि अंतरिम सरकार ने स्वतंत्र एवं निष्पक्ष आम चुनाव कराने से पहले लोकतांत्रिक सिद्धांतों और मानवाधिकारों के सम्मान को बहाल करने का वादा किया है और कई सकारात्मक कदम भी उठाए हैं, लेकिन ‘हालिया कदम निराशाजनक हैं’।
प्रतिबंध के बाद, निर्वाचन आयोग ने अवामी लीग का पंजीकरण रद्द कर दिया और पार्टी को चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया।
पिछले साल छात्रों के नेतृत्व में हुए बड़े पैमाने पर सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान सैकड़ों लोगों की मौत को लेकर अवामी लीग के नेताओं पर मानवता के खिलाफ अपराध करने का आरोप लगाया गया था। इन प्रदर्शनों के बाद पिछले साल पांच अगस्त को हसीना की सरकार गिर गई थी। हसीना 16 साल से सत्ता में थीं।
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