अहमदाबाद, छह अगस्त अहमदाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कोविड-19 के मरीजों के आक्रोशित रिश्तेदारों ने आरोप लगाया कि उन्हें अस्पताल में आग लगने की घटना के बारे में जानकारी ही नहीं दी गई। इस अस्पताल में आग लगने से आठ लोगों की मौत हो गई है।
घटना के बाद मामले की जांच के लिए अस्पताल को सील कर दिया गया है। वहां भर्ती मरीजों के परिजन का कहना है कि उन्हें नहीं पता है कि अस्पताल से स्थानांतरित किए जाने के बाद उनके घरवालों की हालत कैसी है।
अधिकारियों ने बताया कि तड़के करीब 3.30 बजे श्रेय अस्पताल की चौथी मंजिल पर आग लगने से पांच पुरुषों और तीन महिलाओं की मौत हो गई। इन सभी का यहां कोरोना संक्रमण का उपचार चल रहा था। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी।
एक परिजन ने कहा,‘‘मेरे दादा को यहां चार दिन पहले भर्ती कराया गया था। अस्पताल के पास हमारा फोन नंबर था लेकिन किसी ने हमें फोन करके यह नहीं बताया कि आग लगने से उनकी मौत हो गई।’’
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उन्होंने कहा कि आग लगने की जानकारी उन्हें टीवी देख कर हुई।
इसी प्रकार से आग लगने के बाद निकाय अस्पताल में स्थानांतरित किए गए कोरोना वायरस संक्रमित दो लोगों के परिजन ने कहा कि उन्हें उनकी हालत के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘मेरी मां और बड़े भाई को तीन दिन पहले श्रेय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मेरे सहकर्मी ने मुझे सुबह फोन करके बताया और इसके बाद ही मुझे आग लगने की जानकारी मिली।’’
उन्होंने कहा कि जब तक वह अस्पताल पहुंचे तब तक दोनों को शिफ्ट कर दिया गया था।
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