पुणे (महाराष्ट्र), 23 फरवरी विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बृहस्पतिवार को कहा कि डेटा सुरक्षा और डेटा गोपनीयता डिजिटल दुनिया की सबसे बड़ी चुनौतियां हैं और उनसे जुड़े मुद्दों पर जी-20 बैठक के दौरान समाधान की उम्मीद है।
विदेश मंत्री यहां ‘सिम्बायोसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी’ द्वारा आयोजित ‘फेस्टिवल ऑफ थिंकर्स’ को संबोधित कर रहे थे। जयशंकर ने कहा कि जी-20 बैठक ऐसे समय में हो रही है जब यूक्रेन-रूस युद्ध, कोविड महामारी और विश्व मंच पर इसके प्रभावों जैसे कारकों ने कई तरह के तनाव पैदा किए हैं।
डिजिटल जगत को एक नया ‘कारक’ बताते हुए उन्होंने कहा, ‘‘...डिजिटल ने हमारे जीवन को बदल दिया है। हर बार जब आप स्क्रीन पर देखते हैं, तो आप कुछ सीख रहे होते हैं, लेकिन कोई आपके, आपकी आदतें, आपकी पसंद, नापसंद, मांगें और प्राथमिकताएं के बारे में भी कुछ सीख रहा होता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अब, एक नया वाक्य है ‘डेटा ऑयल’ (संसाधन) है। इसका क्या मतलब है? इसका असल में मतलब है कि हर डिजिटल लेनदेन कृत्रिम बुद्धिमत्ता में योगदान देता है, जिसके निर्माण से वास्तव में यह निर्धारित होगा कि आने वाले समय में राष्ट्रों के बीच शक्ति संतुलन क्या है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘आज सबसे बड़ी चुनौती डेटा सुरक्षा और डेटा गोपनीयता की है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपके डेटा को कौन देखता है, कौन आपके डेटा का दोहन करता है, लाभ उठाता है, इस्तेमाल करता है और इस सब के परिणामस्वरूप आपके पास क्या शक्ति है।’’
विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘ये (प्रौद्योगिकी, इसके निहितार्थ और जटिलताएं) वास्तव में ऐसे मुद्दे हैं जिन्हें जी-20 किसी न किसी रूप में संबोधित कर सकता है।’’
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