देश की खबरें | उल्फा के ‘भर्ती’ करने की खबरों पर हिमंत ने जताई चिंता

दिफू (असम), 15 अप्रैल असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने प्रतिबंधित संगठन उल्फा (आई) द्वारा नये सदस्यों की भर्ती की खबरों पर शुक्रवार को चिंता जताई।

सरमा ने कहा कि सरकार उल्फा (आई) से जुड़े मामलों समेत सभी विवादों का राजनीतिक समाधान निकालने के गंभीर प्रयास कर रही है और वह वार्ता के लिए आगे आये संगठनों को दिये गये सभी आश्वासनों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने यहां एक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि सरकार उल्फा (आई) के साथ विवाद के ‘राजनीतिक समाधान’ के लिए हरसंभव कदम उठा रही है।

हालांकि उन्होंने कहा कि संगठन द्वारा नये कैडरों की भर्ती किये जाने की खबरें चिंता की बात हैं।

सरमा के मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद पिछले साल मई से उल्फा (आई) ने एकतरफा संघर्ष विराम की घोषणा कर रखी है, लेकिन संगठन द्वारा युवकों की भर्ती किये जाने की अनेक खबरें आई हैं।

कार्बी उग्रवादियों के साथ शांति समझौते के क्रियान्वयन की प्रगति पर सरमा ने कहा कि करार के सभी खंडों पर काम शुरू हो गया है। कार्बी संगठनों के साथ पिछले साल सितंबर में समझौते पर दस्तखत किये गये थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि करार के तहत आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों के खिलाफ गंभीर मामलों को छोड़कर सभी मामलों को वापस लिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि समझौते के तहत आर्थिक पैकेज को लागू करने की प्रक्रिया 28 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्बी आंगलोंग की यात्रा के बाद शुरू की जाएगी।

सरमा ने कार्यक्रम में आत्मसमर्पण करने वाले 1,030 उग्रवादियों को एकमुश्त वित्तीय सहायता के चेक वितरित किये। कुल 1,926 उग्रवादियों को 4-4 लाख रुपये की सावधि जमा राशि दी गयी है।

आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों में कार्बी लोंगरी एनसी हिल्स लिबरेशन फ्रंट (केएलएनएलएफ) के तीन घटकों के, पीपल्स डेमोक्रेटिक काउंसिल ऑफ कार्बी लोंगरी (पीडीसीके), यूनाइटेड पीपल्स लिबरेशन आर्मी (यूपीएलए) और कार्बी पीपल्स लिबरेशन टाइगर (केपीएलटी) के सदस्य शामिल हैं।

अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले बाकी उग्रवादियों को भी जल्द एकमुश्त सहायता राशि दी जाएगी।

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