हिमाचल: पूर्व न्यायाधीश ने की कोरोना वायरस से जान गंवाने वाले मरीज के अंतिम संस्कार की जांच की मांग
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शिमला,10 मई हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के एक पूर्व न्यायाधीश ने कोरोना वायरस संक्रमण से जान गंवाने वाले एक युवक के अंतिम संस्कार के संबंध में जांच कराने की मांग की है।

पूर्व न्यायाधीश ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को एक पत्र लिख कर कहा है कि केन्द्र सरकार के दिशानिर्देशों का उल्लंघन करते हुए युवक का पांच मई को आधी रात में अंतिम संस्कार कर दिया गया।

उन्होंने मामले की जांच की मांग करते हुए कहा कि आधी रात में अंतिम संस्कार करना ही अपने आप में केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से 15 मार्च को जारी दिशा निर्देशों का खुला उल्लंघन है।

शिमला जिला प्रशासन ने मंडी के सरकाघाट के युवक का कांगलोंग शवदाह गृह में रात 11.30 बजे कथिततौर पर अंतिम संस्कार कर दिया था। उस वक्त एसडीएम (शहर) नीरज चांदला मौजूद थे।

उन्होंने बताया कि दिशा निर्देशों में स्पष्ट है कि शव को या तो परिजन को सौंपा जाए अथवा मुर्दाघर में रखा जाए।

उन्होंने कहा कि शव परिजन को सौंपे जाने के बाद अंतिम संस्कार धार्मिक रीति रिवाजों के साथ मानक प्रक्रियाओं के तहत किया जाता है।

इस बीच एनजीओ उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष अजय श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने धार्मिक रीति रिवाजों की अनदेखी की और अंतिम संस्कार में ‘मिट्टी के तेल’ का इस्तेमाल किया।

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