आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज की तीसरी किस्त की मुख्य बातें
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नयी दिल्ली, 15 मई वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज की तीसरी किस्त की घोषणा की। आर्थिक पैकेज की तीसरी किस्त में कृषि व इससे संबद्ध क्षेत्रों को राहत देने पर ध्यान दिया गया है। तीसरी किस्त की घोषणाओं की मुख्य बातें इस प्रकार हैं...

: लॉकडाउन के दौरान किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 74,300 करोड़ रुपये की कृषि उपज खरीद की गयी।

: शीत भंडारण श्रृंखला खड़ी करने, रखरखाव एवं परिवहन जैसी बुनियादी संरचनाओं के निर्माण के लिये एक लाख करोड़ रुपये का कृषि बुनियादी संरचना कोष बनाने की घोषणा।

: सूक्ष्म खाद्य उपक्रमों को बढ़ावा देने के लिये 10 हजार करोड़ रुपये की योजना की घोषणा, करीब दो लाख सूक्ष्म खाद्य इकाइयों को होगा लाभ।

: मत्स्यपालन, मछली उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने को लेकर जरूरी ढांचागत सुविधाएं बनाने के लिये 20 हजार करोड़ रुपये की घोषणा।

: 53 करोड़ पशुओं को खुरपका-मुंहपका रोग से बचाने के लिये 100 प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के वास्ते 13,343 करोड़ रुपये का कोष।

: डेयरी प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिये 15 हजार करोड़ रुपये का पशुपालन बुनियादी संरचना विकास कोष बनेगा।

: औषधीय खेती को बढ़ावा देने, अगले दो साल में 10 लाख हेक्टेयर के रकबे को औषधीय खेती के दायरे में लाने के लिये चार हजार करोड़ रुपये की घोषणा।

: मधुमक्खी पालन के लिए 500 करोड़ रुपये का आवंटन, ग्रामीण क्षेत्रों के दो लाख मधुमक्खी पालकों को होगा लाभ।

: सभी फलों और सब्जियों तक ऑपरेशन हरित के विस्तार के लिए 500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त कोष। परिवहन, भंडारण पर 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जायेगी।

: सरकार आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन करेगी; अनाज, खाद्य तेल, तिलहन, दालों, आलू और प्याज को इस कानून के दायरे से नियमन मुक्त किया जायेगा।

: आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन के बाद प्रसंस्करण करने वालों तथा मूल्य श्रृंखला के अन्य भागीदारों पर भंडारण सीमा लागू नहीं होगी। राष्ट्रीय आपदा, भुखमरी जैसी आपात स्थितियों में ही भंडारण सीमा रहेगी।

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