देश की खबरें | उच्च न्यायालय ने निर्वस्त्र कर घुमायी गयी महिला का वीडियो प्रसारित करने से रोका

बेंगलुरु, 12 दिसंबर कर्नाटक उच्च न्यायालय ने एक महिला को निर्वस्त्र कर घुमाए जाने की खबर का स्वत: संज्ञान लिया है और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को इस घटना से संबंधित कोई वीडियो प्रसारित नहीं करने का निर्देश दिया है।

इस महिला का बेटा 18 वर्षीय एक लड़की का किसी अन्य के साथ सगाई होने से पहले उसके साथ भाग गया था।

लड़की की हरकत के बारे में पता चलने पर उसके परिवार वालों ने न्यू वंटामुरी गांव स्थित लड़के के घर पर हमला कर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया।

पुलिस ने बताया वे (लड़की के परिजन) उसकी (लड़के की) मां को घसीट कर ले गए, उसे निर्वस्त्र कर घुमाया और बिजली के खंभे से बांध दिया।

मुख्य न्यायाधीश प्रसन्ना बी वराले की अगुवाई वाली पीठ ने महाधिवक्ता को 14 दिसंबर तक इस घटना को लेकर स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।

अदालत ने एक अखबार में फोटो देखने के बाद यह कदम उठाया है। अखबार में तो प्रदर्शित पीड़िता का चेहरा धुंधला कर दिया गया है, लेकिन इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पीड़िता की प्रतिक्रियाओं की वीडियोग्राफी दिखाई गई थी।।

मुख्य न्यायाधीश प्रसन्ना बी वराले की अगुवाई वाली पीठ ने मंगलवार को अपने आदेश में कहा, ‘‘ यदि किसी मीडिया घराना या उसके प्रतिनिधि ने माननीय मंत्री की यात्रा के दौरान पीड़िता का साक्षात्कार लिया या पीड़िता के साथ ऐसे किसी संवाद की वीडियोग्राफी की है, तो यह अदालत किसी भी राष्ट्रीय या क्षेत्रीय चैनल पर उस साक्षात्कार या संवाद को प्रसारित/प्रदर्शित नहीं करने का आदेश देती है। यह भी स्पष्ट किया जाता है कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में यदि पहले यह साक्षात्कार या संवाद दिखाया गया है, तो उसे फिर न दिखाया जाए।’’

अदालत ने स्पष्ट किया कि वह खबर के कवरेज से नहीं रोक रही है।

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