नयी दिल्ली, आठ अक्टूबर दिल्ली उच्च न्यायालय ने आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व सीईओ चंदा कोचर के पति दीपक वीरेन्द्र कोचर की याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जवाब मांगा है। याचिका में आईसीआईसीआई बैंक-वीडियोकॉन धनशोधन मामले में प्राथमिकी को रद्द करने का आग्रह किया गया है।
न्यायमूर्ति ए. जे. भंबानी ने ईडी को नोटिस जारी किया और उससे मामले में स्थिति रिपोर्ट दायर करने के लिए कहा।
उच्च न्यायालय ने एजेंसी से कहा कि कोचर की याचिका पर स्थिति रिपोर्ट दायर करे जिन्होंने अपनी वर्तमान चिकित्सकीय स्थिति के आधार पर अंतरिम जमानत देने का आग्रह किया है। कोविड-19 से संक्रमित पाए जाने के बाद वह अपोलो अस्पताल में भर्ती हैं।
कोचर की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने ईडी की तरफ से दर्ज ईसीआईआर (प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट) को रद्द करने की मांग की है और कहा कि कानूनन यह गलत है और कोचर को गिरफ्तारी के कारणों के बारे में लिखित सूचना नहीं दी गई।
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उन्होंने मुंबई के विशेष न्यायाधीश के आदेश को भी अवैध करार देने की मांग की जिन्होंने कोचर को ईडी की हिरासत में भेज दिया और आगे रिमांड के आदेशों को दरकिनार करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा, ‘‘चूंकि गिरफ्तारी अवैध है, रिमांड के आदेश भी कानून में अपुष्ट हैं।’’
ईडी का प्रतिनिधित्व कर रहे केंद्र सरकार के स्थायी वकील अमित महाजन ने याचिका पर सुनवाई को लेकर आपत्ति जताई।
ईडी ने कोचर को सात सितम्बर को आईसीआईसीआई बैंक- वीडियोकॉन धनशोधन मामले की जांच के सिलसिले में धनशोधन निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया था।
कोचर वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं और पूछताछ के लिए ईडी उन्हें दिल्ली लेकर आई जिस दौरान वह कोविड-19 से संक्रमित पाए गए।
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