देश की खबरें | उच्च न्यायालय ने नयी आबकारी नीति के खिलाफ दायर याचिका पर दिल्ली सरकार से जवाब तलब किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने नयी आबकारी नीति-2021 को चुनौती देने के लिए दायर नयी याचिका पर बृहस्पतिवार को दिल्ली सरकार से जवाब तलब किया।
नयी दिल्ली, 22 जुलाई दिल्ली उच्च न्यायालय ने नयी आबकारी नीति-2021 को चुनौती देने के लिए दायर नयी याचिका पर बृहस्पतिवार को दिल्ली सरकार से जवाब तलब किया।
मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने दिल्ली शराब बिक्री संघ द्वारा दायर याचिका पर दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया और मामले को आगे की सुनवाई के लिए 27 अगस्त को सूचीबद्ध कर दिया।
याचिका में बिक्री संघ ने दावा किया कि नयी नीति, दिल्ली के आबकारी अधिनियम और संविधान की विरोधाभासी, आत्मघाती और अधिकार से परे है। अधिवक्ता शैलेन भाटिया के जरिये दायर याचिका में कहा गया है कि नीति गरीब विरोधी, निचला तबका विरोधी और मध्यम वर्ग के खिलाफ है। इसके साथ ही यह नीति हितधारकों, कर्मचारियों, ग्राहकों और कुल मिलाकर जनता के खिलाफ है।
याचिका में क्षेत्र के निजीकरण का विरोध करते हुए तर्क दिया गया है कि शराब की कीमतों में एकरूपता नहीं होने से शराब की तस्करी भी हो सकती है।
गौरतलब है कि एक अन्य याचिका दिल्ली शराब कारोबारी संघ द्वारा दायर की गई थी लेकिन उच्च न्यायालय ने यह कहकर नोटिस जारी नहीं किया कि पक्षकारों की सूची में सुधार करें। अदालत ने रेखांकित किया कि याचिका में दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और कुछ अज्ञात लोगों को पक्षकार बनाया गया है।
दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 के खिलाफ कई याचिकाएं दायर की गई हैं जिनमें इसे कथित तौर पर गैर कानूनी, अनुचित, मनमाना और दिल्ली आबकारी अधिनियम 2009 का उल्लंघन करार दिया गया है।
वहीं दिल्ली सरकार का कहना है कि नयी आबकारी नीति का उद्देश्य भ्रष्टाचार कम करना और शराब कारोबारियों में प्रतिस्पर्धा लाना है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 22, 2021 05:45 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

