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देश की खबरें | उच्च न्यायालय ने 23 जून को नीट की पुनर्परीक्षा में शामिल होने का तीन अभ्यर्थियों का अनुरोध ठुकराया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने 23 जून को होने वाली राष्ट्रीय अर्हता प्रवेश परीक्षा (नीट) स्नातक (यूजी) 2024 की पुनर्परीक्षा में समय के नुकसान के आधार शामिल होने देने की अनुमति मांग रहे तीन अभ्यर्थियों की याचिका खारिज कर दी है और कहा है कि उनकी याचिका में दम नहीं है।

देश की खबरें | उच्च न्यायालय ने 23 जून को नीट की पुनर्परीक्षा में शामिल होने का तीन अभ्यर्थियों का अनुरोध ठुकराया

नयी दिल्ली, 20 जून दिल्ली उच्च न्यायालय ने 23 जून को होने वाली राष्ट्रीय अर्हता प्रवेश परीक्षा (नीट) स्नातक (यूजी) 2024 की पुनर्परीक्षा में समय के नुकसान के आधार शामिल होने देने की अनुमति मांग रहे तीन अभ्यर्थियों की याचिका खारिज कर दी है और कहा है कि उनकी याचिका में दम नहीं है।

याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि पांच मई को हुई परीक्षा में समय की बर्बादी के कारण उन्हें क्षति हुई जिसके लिए उन्हें न तो अतिरिक्त समय देकर और न ही कोई कृपांक देकर कोई भरपाई की गयी।

लेकिन, उच्च न्यायालय ने कहा कि उन्हें परीक्षा केंद्र में ही अतिरिक्त समय दिया गया क्योंकि प्रारंभ में दिये गये प्रश्नपत्र को बदलना पड़ा था।

न्यायमूर्ति मनोज जैन की अवकाशकालीन पीठ ने कहा, ‘‘ जीआरसी (शिकायत निवारण समिति) की रिपोर्ट बिल्कुल स्पष्ट है और उसमें ऐसा कुछ नहीं है जो संकेत करता हो कि एक से तीन तक के याचिकाकर्ता पुनर्परीक्षा में बैठने के हकदार हैं। उन्हें अपनी शिकायत उठाने की इजाजत नहीं दी जा सकती है क्योंकि उन्हें अतिरिक्त समय दिया गया था। वर्तमान याचिका में कोई पोषणीय आधार नहीं मिलने पर उसे खारिज किया जाता है।’’

चार नीट यूजी अभ्यर्थियों ने यह याचिका दायर की थी। उनमें से तीन ने एक केंद्र पर परीक्षा दी थी जबकि चौथा अन्य केंद्र पर परीक्षा में शामिल हुआ था।

याचिका के अनुसार अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र और ओएमआर शीट का एक खास सेट दिया गया था जिन्हें उन्होंने विधिवत भर दिया। लेकिन बीच परीक्षा में प्रश्नपत्र और ओएमआर शीट उनसे ले ली गई और उन्हें उसके स्थान पर दूसरा सेट दिया गया।

याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि इससे उनका वक्त बर्बाद हुआ है जिसके लिए उन्हें न तो अतिरिक्त समय और न ही कृपांक के रूप में भरपाई की गयी। उन्होंने अनुरोध किया कि उन्हें 23 जून को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित की जाने वाली पुनर्परीक्षा में बैठने दिया जाए।

एनटीए के वकील ने अदालत से कहा कि एजेंसी इन दो केंद्रों समेत सभी केंद्रों के परिप्रेक्ष्य में सभी ऐसे पहलुओं पर विचार कर चुकी है और जीआरसी की अंतिम रिपोर्ट के अनुसार उस केंद्र के संदर्भ में वक्त की कोई बर्बादी नहीं हुई जहां तीन याचिकाकर्ताओं ने परीक्षा दी थी।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 20, 2024 06:54 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).