देश की खबरें | उच्च न्यायालय ने रथ यात्रा संबंधी अर्जी पर अधिकारियों की ‘निष्क्रियता’ पर ‘हैरानी’ जताई

अहमदाबाद, 21 जून अहमदाबाद में वार्षिक जगन्नाथ रथ यात्रा आयोजित करने पर रोक लगाने का आदेश पारित करने वाले गुजरात उच्च न्यायालय ने शहर के नगर निकाय की ‘‘निष्क्रियता’’ और पुलिस आयुक्त द्वारा आयोजकों की अर्जी पर ‘‘समय पर’’ कोई फैसला नहीं लेने पर हैरानी जताई।

आयोजकों ने 23 जून को प्रस्तावित इस कार्यक्रम के लिए अनुमति देने के वास्ते मई में अर्जी दाखिल की थी।

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मुख्य न्यायाधीश विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला की एक खंडपीठ ने कोविड-19 महामारी के मद्देनजर वार्षिक रथ यात्रा निकाले जाने पर शनिवार को रोक लगाये जाने संबंधी आदेश दिया था।

उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) के आयुक्त, पुलिस आयुक्त और अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) को हलफनामे दाखिल कर ‘‘उन कारणों और परिस्थितियों के बारे में बताने को कहा था कि (जगन्नाथ मंदिर ट्रस्ट) की अर्जी का समय पर निस्तारण क्यों नहीं किया गया और जिससे पक्षों को तत्काल सुनवाई के लिए अदालत आने को मजबूर होना पड़ा।’’

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रथ यात्रा के आयोजकों ने अधिकारियों के पास 18 मई को अर्जी दाखिल की थी।

पीठ ने शनिवार की शाम तत्काल सुनवाई के दौरान एक जनहित याचिका पर यह आदेश पारित किया जबकि इस आदेश की प्रति रविवार को सार्वजनिक की गई।

अदालत ने कहा, ‘‘नगर आयुक्त, एएमसी, की निष्क्रियता पर और अहमदाबाद के पुलिस आयुक्त के समय पर आयोजकों की अर्जी पर फैसला नहीं लेने से हम आश्चर्यचकित हैं, इस मामले को समय पर निपटाने के बजाय उस अंतिम तिथि तक लंबित रखा गया जब 23 जून, 2020 को रथ यात्रा निकाली जानी थी।’’

महाधिवक्ता कमल त्रिवेदी ने अदालत के समक्ष इस बात की पुष्टि की थी कि आयोजकों ने 18 मई, 2020, को रथ यात्रा की अनुमति के लिए एएमसी और पुलिस आयुक्त के समक्ष अर्जी दी थी लेकिन आज तक इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया।

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर अहमदाबाद और गुजरात के अन्य जिलों में इस वर्ष कोई रथ यात्रा नहीं निकाली जायेगी।

अदालत का यह आदेश पत्रकार हितेश चावड़ा द्वारा दाखिल एक जनहित याचिका पर आया है।

याचिका में राज्य सरकार को कोरोना वायरस महामारी के कारण रथ यात्रा पर रोक लगाये जाने के निर्देश देने का अनुरोध किया गया था।

अदालत ने राज्य सरकार समेत प्रतिवादियों से अपना जवाब दाखिल करने को कहा और मामले की अगली सुनवाई की तिथि छह जुलाई तय की।

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