देश की खबरें | उच्च न्यायालय ने यादवपुर विश्वविद्यालय में शैक्षणिक माहौल संबंधी याचिका खारिज की

कोलकाता, 28 अगस्त कलकत्ता उच्च न्यायालय ने यादवपुर विश्वविद्यालय में उपयुक्त शैक्षणिक माहौल सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने का अनुरोध करते हुए दायर की गई एक जनहित याचिका (पीआईएल) शुक्रवार को खारिज कर दी।

विश्वविद्यालय में ‘रैगिंग’ के आरोपों के बीच स्नातक प्रथम वर्ष के एक छात्र की मौत हो गई थी।

मुख्य न्यायाधीश टी एस शिवाज्ञनम की अध्यक्षता वाली एक खंडपीठ ने कहा कि अदालत विश्वविद्यालय से जुड़े कई मुद्दों पर पहले ही जनहित याचिकाओं को स्वीकार कर चुकी है। इसने कहा कि उसका यह मानना है कि एक ही मुद्दे पर कई याचिकाओं को स्वीकार करना इस अदालत के समक्ष पहले ही उठाये जा चुके उन मुद्दों को कमजोर करेगा, जिनपर विचार किया जा चुका है।

पीठ ने निर्देश दिया, ‘‘इसलिए, हम इस याचिकाकर्ता के आग्रह पर एक अलग याचिका स्वीकार करने का कोई आधार नहीं पाते हैं, जिन्होंने इसके एक जनहित याचिका होने का दावा किया है।’’

अदालत ने केवल अखबारों की खबरों के आधार पर कुछ वादियों द्वारा जनहित याचिकाएं दायर किये जाने पर भी आपत्ति जताई।

विश्वविद्यालय परिसर के बाहर स्थित लड़कों के मुख्य छात्रावास की दूसरी मंजिल से गिरने पर 17 वर्षीय एक छात्र की मौत हो गई थी। यह घटना नौ अगस्त को हुई थी। उसके परिवार ने आरोप लगाया है कि उसकी रैगिंग की गई थी।

अदालत ने सोमवार को सुनवाई के दौरान कहा कि उसने विश्वविद्यालय के एक पूर्व छात्र को कार्यवाही में हस्तक्षेप की अनुमति दी है।

विश्वविद्यालय से जुड़े समान मुद्दों पर एक अन्य जनहित याचिका याचिकाकर्ता के वकील ने वापस ले ली।

मुद्दे पर एक अलग याचिका में, अदालत ने दिन में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के वकील को विषय में उठाये गये विषय पर आयोग से निर्देश प्राप्त करने को कहा।

अदालत ने निर्देश दिया कि विषय पर अन्य जनहित याचिका के साथ पांच सितंबर को सुनवाई होगी।

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