लखनऊ, 25 जून लखनऊ विश्वविद्यालय (एलयू) के 23 छात्रों ने कोविड-19 के लगातार हो रहे प्रसार के बीच विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा परीक्षा का कार्यक्रम घोषित किए जाने को इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ में चुनौती दी है।
न्यायमूर्ति सौरभ लवानिया की अदालत इससे संबंधित याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करेगी।
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छात्रों ने गत 19 जून को लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा जारी नोटिस और 23 जून को परीक्षा का कार्यक्रम घोषित किए जाने को चुनौती दी है। यह याचिका जतिन कटियार तथा 22 अन्य छात्रों ने दाखिल की है।
याचिका में छात्रों ने कहा है कि परीक्षा नियंत्रक ने लगातार पैर पसार रहे कोविड-19 संक्रमण की स्थिति को देखे बगैर परीक्षा कार्यक्रम घोषित कर दिया है। कोरोना संक्रमण की वजह से रेलगाड़ियों का सामान्य तरीके से संचालन नहीं हो रहा है और बड़ी संख्या में दूरदराज से आने वाले छात्र परीक्षा देने के लिए लखनऊ नहीं पहुंच पाएंगे।
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याचिका में यह भी कहा गया है कि परीक्षा देने के लिए छात्रों को खास तौर पर लखनऊ में ठहरने की जगह ढूंढनी पड़ेगी और छात्रावासों में सामाजिक दूरी बनाए रखना लगभग नामुमकिन है।
याची छात्रों का यह भी कहना है कि लखनऊ विश्वविद्यालय के तीन प्रोफेसर और कुछ स्टाफ कर्मी कोविड-19 से संक्रमित पाए जा चुके हैं लिहाजा परिसर में संक्रमण का खतरा काफी ज्यादा है। छात्रों ने विश्वविद्यालय की ऑनलाइन कक्षाओं की कामयाबी पर भी सवाल उठाए हैं।
छात्रों ने आईआईटी कानपुर और दिल्ली विश्वविद्यालय समेत कई संस्थानों की मिसाल देते हुए अदालत से आग्रह किया कि लखनऊ विश्वविद्यालय को भी छात्रों को अगली कक्षा में प्रोन्नत किए जाने या फिर इंटरनेट की उपलब्धता और छात्रों के पास लैपटॉप मौजूद होने से जुड़े पहलुओं का ख्याल करते हुए ऑनलाइन परीक्षा लेने पर विचार करने के निर्देश दिए जाएं।
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