नयी दिल्ली, पांच मई एचडीएफसी बैंक और एचडीएफसी लिमिटेड के शेयरों में शुक्रवार को भारी बिकवाली होने से इन दोनों कंपनियों के बाजार मूल्यांकन में सम्मिलित रूप से 85,000 करोड़ रुपये का गिरावट आ गई।
एचडीएफसी बैंक में एचडीएफसी लिमिटेड के विलय के बाद बनने वाली इकाई से बड़े पैमाने पर पूंजी निकासी की आशंका हावी होने से इन कंपनियों के शेयरों में तगड़ी बिकवाली देखी गई।
इस दौरान एचडीएफसी बैंक का शेयर 5.90 प्रतिशत टूटकर 1,625.35 रुपये के भाव पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह छह प्रतिशत तक लुढ़क गया था।
इसी तरह एचडीएफसी का शेयर भी 5.63 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,701.15 रुपये के भाव पर बंद हुआ। एक समय इसमें 5.84 प्रतिशत तक की गिरावट आ गई थी।
इस गिरावट की वजह से दोनों कंपनियों के मूल्यांकन में भी कमी आ गई। एचडीएफसी बैंक का बाजार मूल्यांकन 56,228.1 करोड़ रुपये गिरकर 9,07,505.07 करोड़ रुपये रह गया। वहीं एचडीएफसी का मूल्यांकन 29,572.72 करोड़ रुपये कम होकर 4,95,541.41 करोड़ रुपये पर आ गया।
सेंसेक्स के समूह में शामिल इन दोनों कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली होने से मानक सूचकांक भी 695 अंक गिरकर बंद हुआ।
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, "एचडीएफसी की दोनों कंपनियों में भारी बिकवाली होने से भारतीय बाजार में गिरावट का रुख रहा।"
ब्रोकिंग फर्म प्रोग्रेसिव शेयर्स के निदेशक आदित्य गग्गर का मानना है कि एमएससीआई वैश्विक मानक सूचकांक के अनुरूप विलय के बाद एचडीएफसी बैंक की पूंजी में 15-20 करोड़ डॉलर की कमी आ सकती है।
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