रिजर्व बैंक के उपायों पर भारी कोविड-19 महामारी, सेंसेक्स 260 अंक टूटा
कोविड-19 संकट के बीच रिजर्व बैंक ने कर्ज किस्त के भुगतान पर छूट को तीन महीने ओर बढ़ाकर 31 अगस्त, 2020 तक कर दिया है। इससे बैंकों का डूबा कर्ज बढ़ने की आशंका है। ऐसे में बैंकिंग और वित्तीय कंपनियों के शेयरों में गिरावट रही।
मुंबई, 22 मई बैंकिंग और वित्तीय कंपनियों में गिरावट से शुक्रवार को सेंसेक्स 260 अंक टूट गया। रिजर्व बैंक ने अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए ब्याज दरों में कटौती और कर्ज चुकानों वालों को तीन माह की और राहत देने जैसे उपाय किए हैं, लेकिन कोविड-19 को लेकर बढ़ती चिंता इन सब पर भारी रही।
कोविड-19 संकट के बीच रिजर्व बैंक ने कर्ज किस्त के भुगतान पर छूट को तीन महीने ओर बढ़ाकर 31 अगस्त, 2020 तक कर दिया है। इससे बैंकों का डूबा कर्ज बढ़ने की आशंका है। ऐसे में बैंकिंग और वित्तीय कंपनियों के शेयरों में गिरावट रही।
बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स दिन में एक समय 450 अंक तक नीचे चला गया था। हालांकि, बाद में इसमें कुछ सुधार हुआ। अंत में सेंसेक्स 260.31 अंक या 0.84 प्रतिशत के नुकसान से 30,672.59 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह एनएसई निफ्टी भी 67 अंक या 0.74 प्रतिशत के नुकसान से 9,039.25 अंक पर बंद हुआ।
साप्ताहिक आधार पर सेंसेक्स 425.14 अंक या 1.36 प्रतिशत तथा निफ्टी 97.6 अंक या 1.06 प्रतिशत नीचे आया है।
सेंसेक्स की कंपनियों में एक्सिस बैंक का शेयर सबसे अधिक 5.65 प्रतिशत से नीचे आ गया। एचडीएफसी, बजाज फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज ऑटो, टाटा स्टील, इंडसइंड बैंक और एचडीएफसी बैंक के शेयर भी नुकसान में रहे।
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपने जियो मंच की 2.32 प्रतिशत हिस्सेदारी अमेरिका की निजी इक्विटी क्षेत्र की कंपनी केकेआर को 11,367 करोड़ रुपये में बेचने की घोषणा की है। इसके बावजूद कंपनी के शेयर में मामूली गिरावट दर्ज हुई। चार सप्ताह में रिलायंस ने पांचवां ऐसा सौदा किया है। इससे रिलायंस को कुल मिलाकर 78,562 करोड़ रुपये का निवेश मिलेगा।
वहीं दूसरी ओर महिंद्रा एंड महिंद्रा, इन्फोसिस, एशियन पेंट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट और टेक महिंद्रा के शेयर 4.46 प्रतिशत तक चढ़ गए।
इससे पहले दिन में केंद्रीय बैंक ने प्रमुख नीतिगत दर रेपो में अचानक 0.40 प्रतिशत की कटौती कर इसे चार प्रतिशत कर दिया। इसी तरह रिवर्स रेपो दर को भी 3.75 से घटाकर 3.35 प्रतिशत पर ला दिया गया है।
केंद्रीय बैंक ने इसके साथ ही ऋण किस्त भुगतान पर छूट को तीन महीने और बढ़ाकर 31 अगस्त तक कर दिया है।
शेयरखान बाय बीएनबी परिबा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और पूंजी बाजार रणनीति तथा निवेश प्रमुख गौरव दुआ ने कहा, ‘‘हालांकि रिजर्व बैंक ने ऋण के पुनर्गठन के मोर्चे पर किसी तरह की राहत नहीं दी है। इससे शेयर बाजार निराश हुआ।’’
उन्होंने कहा कि कोविड-19 के प्रतिकूल प्रभाव के अलावा अमेरिका- चीन संबंधों में बढ़ती खटास से भी अनिश्चितता बढ़ रही हैं ऐसे में शेयर बाजारों में अभी उतार-चढ़ाव जारी रहने की आशंका है।
केंद्रीय बैंक ने कहा कि कोविड-19 का प्रभाव पूर्व में लगाए गए अनुमान से अधिक रहेगा। इससे 2020-21 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर नकारात्मक रह सकती है। बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप में 0.83 प्रतिशत तक का नुकसान रहा।
अन्य एशियाई बाजारों में हांगकांग का हैंगसेंग, चीन का शंघाई कम्पोजिट, जापान का निक्की और दक्षिण कोरिया का कॉस्पी नुकसान में रहे। शुरुआती कारोबार में यूरोपीय बाजार भी नुकसान में थे।
अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट कच्चा तेल वायदा 4.38 प्रतिशत के नुकसान से 34.48 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। अंतर बैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 34 पैसे टूटकर 75.95 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार देश में एक दिन में कोरोना वायरस संक्रमण के सबसे अधिक 6,088 मामले सामने आए हैं। इससे इस वायरस से संक्रमित लोगों का आंकड़ा 1.18 लाख पर पहुंच गया है। देश में अब तक इस वायरस से 3,583 लोगों की जान गई है।
वैश्विक स्तर पर कोविड-19 संक्रमित लोगों की संख्या 51 लाख को पार कर गई है। अब तक यह महामारी 3.32 लाख लोगों की जान ले चुकी है।
अजय
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(The above story first appeared on LatestLY on May 22, 2020 06:31 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

