जम्मू, 17 अक्टूबर जम्मू कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय की एक विशेष खंडपीठ अगले सप्ताह उस याचिका पर सुनवाई करेगी, जिसमें केंद्र शासित प्रदेश की विधानसभा में पांच सदस्यों को नामित करने के लिए जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल (एलजी) को प्राप्त अधिकार को चुनौती दी गई है।
याचिकाकर्ता रवींद्र शर्मा ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश ताशी रैबस्टन ने पांच विधायकों के नामांकन के संबंध में जनहित याचिका पर सुनवाई के लिए सोमवार को एक विशेष खंडपीठ गठित करने पर सहमति जताई।
उच्चतम न्यायालय ने 14 अक्टूबर को याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया था और याचिकाकर्ता से उच्च न्यायालय में जाने को कहा था।
शर्मा के वकील डी के खजुरिया ने उच्च न्यायालय से याचिका को जल्द सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया था जिसके बाद मुख्य न्यायाधीश मामले में सुनवाई के लिए सोमवार को विशेष पीठ के गठन के लिए सहमत हो गए।
विधान परिषद के पूर्व सदस्य और प्रदेश कांग्रेस समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शर्मा भी अदालत में उपस्थित थे।
याचिका में जम्मू कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम के उन प्रावधानों को चुनौती दी गई है जिसके तहत उपराज्यपाल को पांच विधायकों को नामित करने का अधिकार है।
शर्मा के अनुसार याचिका में दलील दी गई है कि उपराज्यपाल विधायकों को नामित करने से पहले मंत्रिपरिषद की सलाह ले सकते हैं, अन्यथा प्रावधान संविधान की मूल भावना और ढांचे के तहत अधिकार से परे हैं।
हाल में संपन्न जम्मू कश्मीर चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस -कांग्रेस गठबंधन ने 90 सदस्यीय विधानसभा में 48 सीट जीतकर बहुमत हासिल किया।
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