देश की खबरें | निष्पक्ष सुनवायी, जांच का आपका अनुरोध क्या आपके आचरण के अनुरूप है: अदालत ने मेहुल चोकसी से पूछा
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 23 सितम्बर दिल्ली उच्च न्यायालय ने दो अरब अमेरिकी डालर के पीएनबी घोटाले में एक आरोपी मेहुल चोकसी से बुधवार को सवाल किया कि एक निष्पक्ष सुनवायी और जांच के लिए उनका अनुरोध क्या उनके खुद के आचरण के अनुरूप है। चोकसी इलाज के लिए अमेरिका गए थे और बाद में एंटीगुआ की नागरिकता ले ली थी।

मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की एक पीठ की ओर से यह सवाल चोकसी के अधिवक्ता से किया गया। पीठ ने यह सवाल चोकसी की उस अपील पर सुनवायी के दौरान किया जो उन्होंने एकल न्यायाधीश के एक आदेश के खिलाफ दायर की है। एकल न्यायाधीश ने अपने आदेश में चोकसी की वह अर्जी खारिज कर दी थी जिसमें उन्होंने नेटफ्लिक्स की सीरीज ‘बैड बॉय बिलिनेयर्स’ के प्रसारण से पूर्व दिखाए जाने का अनुरोध किया था।

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चोकसी की ओर से पेश हुए अधिवक्ता विजय अग्रवाल ने कहा कि सीरीज में उनके मुवक्किल का एक फुटेज है जिसमें उन्हें कथित तौर पर गलत तरीके से दिखाया गया है और इसलिए भारत में उनके खिलाफ विभिन्न सुनवायी प्रभावित हो सकती है।

नेटफ्लिक्स के अधिवक्ता नीरज किशन कौल ने पीठ को बताया कि उस ट्रेलर में चोकसी या उसके नाम का उल्लेख नहीं किया गया है जिसके आधार पर प्रारंभिक अर्जी एकल न्यायाधीश के समक्ष दायर की गई थी।

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नेटफ्लिक्स के दावे का अग्रवाल ने विरोध किया और उन्होंने अदालत से मामले की अगली सुनवायी यानी 29 सितम्बर को सीरीज का ट्रेलर दिखाने की अनुमति मांगी।

सुनवायी के दौरान पीठ ने कहा कि जब एक संवैधानिक अदालत यह फैसला कर रही है कि अपने अधिकार क्षेत्र का उपयोग करना है या नहीं तो ऐसे में ‘‘याचिकाकर्ता के आचरण की भी कुछ प्रासंगिकता होती है।’’

एकल न्यायाधीश ने चोकसी की याचिका को इस आधार पर खारिज कर दिया था कि उनके पास एक वैकल्पिक उपचार उपलब्ध था-एक दीवानी वाद दायर करने का और एक निजी अधिकार को लागू कराने के लिये रिट याचिका विचारणीय नहीं है।

अग्रवाल ने दलील दी कि सीरीज के प्रसारण से उनके मुवक्किल की एक निष्पक्ष सुनवायी एवं जांच का मौलिक अधिकार प्रभावित हो सकता है इसलिए रिट याचिका विचारणीय है।

उन्होंने पीठ से आग्रह किया कि मामले को रिट याचिका के तौर पर सुनवायी करने के लिए एकल न्यायाधीश के पास वापस भेज दिया जाए।

अदालत ने सवाल किया, ‘‘क्या आपका (चोकसी) आचरण आपकी इच्छा के अनुरूप है? आप निष्पक्ष सुनवायी एवं जांच का अनुरोध करते हैं लेकिन क्या आपका आचरण उसके अनुरूप है?’’

अदालत ने यह भी कहा किया कि इलाज के लिए अमेरिका जाने के बाद चोकसी ने बड़ी ही जल्दबाजी में एंटीगुआ और बारबुडा की नागरिकता प्राप्त कर ली।

अदालत ने यह टिप्पणी तब की जब अग्रवाल ने कहा कि उनके मुवक्किल चार जनवरी 2018 को इलाज के लिए अमेरिका गए और 15 जनवरी 2018 को एंटीगुआ और बारबुडा में निष्ठा की शपथ ली।

अग्रवाल ने कहा कि न्यूयॉर्क से एंटीगुआ और बारबुडा की उड़ान केवल चार घंटे की है और उनके मुवक्किल अमेरिका इसलिए गए क्योंकि उनके चिकित्सक वहां थे और उनका वहां कुछ समय से इलाज चल रहा था।

उन्होंने अदालत को यह भी बताया कि जब उनके मुवक्किल ने एंटीगुआ और बारबुडा की नागरिकता के लिए आवेदन किया था, तो उन्हें मुंबई पुलिस से एनओसी भी प्राप्त की कि उनके खिलाफ कोई मामला लंबित नहीं था।

अग्रवाल ने अदालत को बताया कि 29 जनवरी, 2018 को चोकसी के खिलाफ एक शिकायत की गई और 30 जनवरी, 2018 को सीबीआई द्वारा मामला दर्ज किया गया।

नेटफ्लिक्स ने याचिका का विरोध किया है और वह अगली तारीख पर अपनी दलील जारी रखेगा।

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