देश की खबरें | उच्च न्यायालय 2जी मामले में ए. राजा, अन्य को बरी करने के खिलाफ अपील पर 28 अगस्त से सुनवाई करेगा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा, कारोबारियों और अन्य को बरी करने के फैसले के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की अपील पर 28 अगस्त से दैनिक आधार पर सुनवाई शुरू करेगा।
नयी दिल्ली, 10 अगस्त दिल्ली उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा, कारोबारियों और अन्य को बरी करने के फैसले के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की अपील पर 28 अगस्त से दैनिक आधार पर सुनवाई शुरू करेगा।
न्यायमूर्ति दिनेश कुमार शर्मा ने जांच एजेंसियों के वकील द्वारा सुनवाई स्थगित करने के अनुरोध पर नाराजगी व्यक्त की और निर्देश दिया कि मामले को जिरह के लिए दो सप्ताह के बाद सूचीबद्ध किया जाए।
न्यायाधीश ने कहा, ‘‘हम ऐसे कैसे जारी रखेंगे? हम इस तरह तारीखें देना जारी नहीं रख सकते।’’
ईडी ने 19 मार्च, 2018 को सभी आरोपियों को बरी करने के विशेष अदालत के दिसंबर 2017 के आदेश को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय का रुख किया था। एक दिन बाद सीबीआई ने भी आरोपियों को बरी करने के फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी।
मामला फिलहाल ‘अपील की अनुमति’ के चरण में है, जो किसी अदालत द्वारा किसी पक्ष को उच्च न्यायालय में फैसले को चुनौती देने के लिए दी गई औपचारिक अनुमति है। बृहस्पतिवार को अदालत से सुनवाई सितंबर अंत तक स्थगित करने का अनुरोध किया गया ताकि अपील पर बहस के लिए सीबीआई विशेष वकील की तैनाती कर सके।
अदालत ने टिप्पणी की कि चीजें ‘‘इस तरह से लटकी नहीं रह सकतीं।’’ अदालत ने ईडी के वकील से अपील की अनुमति के मुद्दे पर दलीलें शुरू करने को कहा। हालांकि, यह बताया गया कि ईडी का मामला सीबीआई की दलीलों पर आधारित होगा।
अदालत ने मामले को 28 अगस्त को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करते हुए कहा, ‘‘याचिका को दो सप्ताह के बाद सूचीबद्ध किया जाएगा। उसके बाद मामले पर दिन-प्रतिदिन के आधार पर सुनवाई की जाएगी।’’
कथित घोटाला होने के समय राजा के निजी सचिव रहे आर.के. चंदोलिया सहित बरी किए गए कुछ लोगों की ओर से पेश हुए वकील विजय अग्रवाल ने अदालत से दो निजी कंपनियों की एक अर्जी पर विचार करने का आग्रह किया, जिसमें उनके बरी होने के बाद उनकी संपत्तियों की कुर्की को रद्द करने का अनुरोध किया गया।
विशेष अदालत ने 21 दिसंबर, 2017 को मुख्य आरोपी राजा और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (सांसद) की कनिमोई समेत मामले के सभी आरोपियों को यह कहते हुए बरी कर दिया था कि अभियोजन एजेंसियां आरोप साबित करने में विफल रहीं।
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(The above story first appeared on LatestLY on Aug 10, 2023 08:28 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

