नयी दिल्ली/कोलकाता, दो अक्टूबर तृणमूल कांग्रेस ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि उसकी सांसद प्रतिमा मंडल जब कथित सामूहिक बलात्कार पीड़िता के परिवार से मिलने उत्तर प्रदेश स्थित हाथरस जा रही थी, तब जिला प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने उन्हें धक्का दिया और बदसलूकी की।
प्रतिमा, हाथरस जा रहे वाले तृणमूल कांग्रेस नेताओं के चार सदस्यीय एक प्रतिनिधिमंडल में शामिल थी। इनमें डेरेक ओब्रायन,डॉ काकोली घोष दस्तीदार और पूर्व सांसद ममता ठाकुर भी शामिल थीं।
पार्टी ने कई वीडियो क्लिप भी साझा किये, जिसमें यह देखा जा सकता है कि राज्यसभा में इसके नेता डेरेक ओ ब्रायन को पीड़िता के घर से कुछ ही किमी पहले रास्ते में पुलिसकर्मी धक्का देकर जमीन पर गिरा रहे हैं और मंडल से सड़क पर प्रशासनिक अधिकारी धक्कामुक्की कर रहे हैं।
ओ ब्रायन ने कहा, ‘‘हमने हाथरस सदर एसडीएम के खिलाफ एक पुलिस शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें यह अनुरोध किया है कि इसे प्राथमिकी में तब्दील किया जाए। हम इस विषय पर लोकसभा अध्यक्ष को भी पत्र लिखेंगे। ’’
मंडल ने अपनी शिकायत में लिखा, ‘‘जब हम आज सुबह पीड़िता के परिवार से मिलने की कोशिश कर रहे थे, तब एसडीएम (प्रेम प्रकाश) मीणा ने मुझे धक्का दिया और मुझे जबरन रोकने की कोशिश की। हम पीड़िता के परिवार को ढाढस बंधाने के लिये बंगाल से आये थे। लोकतंत्र में किसी पीड़िता के परिवार से मिलने से एक जनप्रतिनिधि को रोकना लोकतंत्र की हत्या है। ’’
मंडल ने पुलिस को अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि मीणा ने उन्हें ‘‘धक्का दिया’’ और उनके साथ ‘‘बदसलूकी’’ की।
हालांकि, इन आरोपों पर मीणा या किसी अन्य अधिकारी की तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है।
तृणमूल कांग्रेस सूत्रों ने कहा कि सांसदों के हाथरस दौरे की योजना कुछ इस तरह से बनाई गई थी कि उनकी पहचान करने और रोके जाने की गुंजाइश नगण्य हो।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल पार्टी के नेता दिल्ली से अलग-अलग कार में गये थे और हाथरस से 25 किमी पहले एक दूसरे से मिले। वे पीड़िता के गांव पहुंचने में सफल भी हो गये लेकिन परिवार से नहीं मिल सके।
ओ ब्रायन ने कहा, ‘‘हमने पुलिस से अनुरोध किया कि महिला सांसदों को पीड़िता के परिवार से मिलने दिया जाए लेकिन उन्होंने इसकी अनुमति नहीं दी। फिर एसडीएम ने हमारी महिला सांसद को धक्का दिया और तब हमनें हस्तक्षेप किया...। ’’
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के प्रमुख एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तथा पार्टी के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव ने उनसे बात की और उन्हें अपना समर्थन दिया।
प्रतिनिधिमंडल ने मौके पर दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक धरना भी दिया, जिसके बाद उन्होंने शिकायत दर्ज कराई।
राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस के संसदीय दल के नेता ओ ब्रायन ने बाद में एक बयान में कहा, ‘‘जहां कहीं दलित, आदिवासी, अल्पसंख्यक, सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के खिलाफ ज्यादती होगी, हम वहां-वहां होंगे। ’’
उन्होंने कहा , ‘‘विश्व और भारत ने देखा कि क्या हुआ। हमारी लोकसभा सदस्य प्रतिमा मंडल, जो खुद एससी (अनुसूचित जाति से) हैं, के साथ अजय बिष्ट के जंगल राज के एक पुरूष सदस्य ने धक्कामुक्की की। ’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY